Question
Easy

आदिकाल की प्रवृत्तियों के विषय में संगत कथन है :

1
रहस्यमार्गियों की सामान्य प्रवृत्ति के अनुसार जैन कवि अपनी बानी को ऐसी पहेली के रूप में भी रखते थे, जिसे कोई बिरला ही बूझ सकता है।
2
नाथ परंपरा में जलंधरनाथ के गुरु मत्स्येन्द्रनाथ माने जाते हैं।
3
महाराष्ट्र के संत ज्ञानदेव का गोरखनाथ की शिष्य-परम्परा से कोई संबंध नहीं है।
4
जैन काव्य-ग्रंथों की दोहों-चौपाइयों की परम्परा आगे सूफियों की प्रेम-कहानियों, तुलसी के रामचरितमानस तथा छत्रप्रकाश, ब्रजविलास आदि रचनाओं में पायी जाती है।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter:
Topic:
Correct Answer
Option D
Explanation

Read More

Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
- HTET Level 2 | Clear Cutoff