निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए । जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए । जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है । जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है । अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं । यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है । क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है । अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है । 'आधारित' में प्रत्यय है _
'आधारित' शब्द में 'आधार' शब्द से 'इत' प्रत्यय जोड़कर 'आधारित' शब्द बना है। यहाँ पर 'इत' प्रत्यय का प्रयोग किया गया है, जो कि क्रिया विशेषण बनाने के लिए उपयोग होता है। इस प्रकार, 'आधारित' में 'इत' प्रत्यय का सही उपयोग हुआ है। अब हम अन्य विकल्पों की चर्चा करते हैं: 1. त: यह प्रत्यय सामान्यतः संज्ञा या विशेषण बनाने के लिए उपयोग होता है, जैसे 'सुख' से 'सुखत'। लेकिन…Read More
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