Question
Easy

अधोलिखितेषु कथनेषु आकलनस्य द्वे-प्रमुखप्रकारविषये किं सत्यम् अस्ति ?

1
रचनात्मकाकलनं अधिगमस्य सम्पूर्णावस्थायां निरन्तरं क्रियते
2
योगात्मकाकलनं अधिगमावस्थायाः पूर्वं पश्चात् च क्रियते
3
रचनात्मकाकलनं अधिगमात् अधिकतरं स्वरूपे केन्द्रितम् अस्ति
4
योगात्मकाकलनं (Summative assessment) समग्रशैक्षणिकवर्षे आकलनस्य प्रत्येकस्वरूपस्य समग्रता वर्तते
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: CTET_P1
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option A
Explanation

Option 1: रचनात्मकाकलनं अधिगमस्य सम्पूर्णावस्थायां निरन्तरं क्रियते विस्तृत व्याख्या: रचनात्मकाकलनं (Formative Assessment) का मुख्य उद्देश्य अधिगम की प्रक्रिया के दौरान छात्रों की प्रगति का मूल्यांकन करना होता है। यह आकलन निरंतर और नियमित रूप से किया जाता है ताकि शिक्षक और छात्र दोनों को यह जानकारी मिल सके कि अधिगम की प्रक्रिया में कहाँ सुधार की आवश्यकता है। यह आकलन शिक्षण और अधिगम की सम्पूर्ण अवस्था में किया जाता है,…Read More

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