एका अध्यापिका हिन्दी भाषिछात्रान् द्वितीया-भाषारूपेण आङ्ग्लभाषां पाठयति । सा स्पष्टनियमानां कथनं विना, तेभ्यः आङ्ग्लभाषायां लघुवार्तालापाय प्रसङ्गान् अवसरान् च ददाति । सा तेषां समक्षं उदाहरणानि उपस्थापयति, येषां प्रयोगः छात्राः स्ववार्तालापेषु कुर्वन्ति । शनैः शनैः ते अध्यापिकायाः साहाय्येन स्वयमेव नियमान् रचयन्ति । अध्यापिकया कः आदर्शः/उपागमः प्रयुज्यते ?
प्रश्न में वर्णित अध्यापिका का शिक्षण तरीका "सम्प्रेषणात्मक-उपागमः" (Communicative Approach) के अंतर्गत आता है। इस विधि में भाषा शिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को भाषा का व्यावहारिक उपयोग सिखाना होता है, ताकि वे वास्तविक जीवन की स्थितियों में प्रभावी ढंग से संवाद कर सकें। 1. सम्प्रेषणात्मक-उपागमः (Communicative Approach): - इस उपागम में अध्यापिका छात्रों को आङ्ग्लभाषा में लघुवार्तालाप के लिए अवसर प्रदान करती हैं, जो कि सम्प्रेषणात्मक विधि का मुख्य…Read More
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