Question
Easy
अध्यापकेन दत्तानि आदर्शवाक्यानि पुनः उच्चार्य छात्राः भाषायाः प्रतिमानं/आदर्शरूपं शिक्षन्ति । ते वाक्यान् कण्ठस्थान् कुर्वन्ति । उचितरूपेण च अभ्यासे कृति सति, अध्यापकस्तान् प्रोत्साह्ययति। अनेन प्रकारेण अध्यापक किं करोति ?
1
श्रव्यभाषिक विधिः
2
सम्प्रेषणात्मक-उपागमः
3
समग्रभौतिकप्रक्रिया
4
संरचनात्मक-उपागमः
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: Paper 1
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option A
Explanation
अध्यापक द्वारा दिए गए आदर्श वाक्यों को पुनः उच्चार कर छात्र भाषा के आदर्श रूप को सीखते हैं। वे वाक्यों को कंठस्थ करते हैं और उचित अभ्यास के साथ, अध्यापक उन्हें प्रोत्साहित करते हैं। इस प्रक्रिया में अध्यापक "श्रव्यभाषिक विधि" का उपयोग करते हैं। विस्तृत व्याख्या: 1. श्रव्यभाषिक विधिः (Option 1): - इस विधि में भाषा सीखने की प्रक्रिया श्रवण और उच्चारण पर आधारित होती है। अध्यापक आदर्श वाक्यों का…Read More
Similar Questions from CTET Exam - Paper 1 - Year 2024
Question 1
Easy
Source :
CTET 2024
एकेन अध्यापकेन पञ्चमकक्षायाः छात्रेभ्यः सत्वरेण कथा एका पठनाय अनन्तरं च चत्वारि चित्राणि क्रमेण योजनाय कथितम्। अस्याःगतिविधेः किमुद्देश्यमस्ति ?
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 2
Easy
Source :
CTET 2024
एवंविधपठनस्य कतिपयानि अधिगम-उद्देश्यम् कार्याणि च सन्ति । शिक्षार्थिनः अपेक्षन्ते यत्ते विषयवस्तुं विस्तरेण दत्तावधानेन च पठेयुः । एतदस्ति -
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 3
Easy
Source :
CTET 2024
शिक्षार्थिनः व्याकरणनियमान् शब्दावलीं च रटन्ति, प्रायेण कार्यं मातृभाषायां भवति । भाषायाः अधयापकः कक्षायां कां विधिम् अनुसरेत ?
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 4
Easy
Source :
CTET 2024
यदि स्वपरिवेशे बालाः भाषाद्वयमुच्चार्यमाणं श्रृण्वन्ति। भाषाद्वयं श्रवणस्य अवसरोऽयम् -
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching