Question
Easy

अङ्कितः एकः दृष्टिहीनः छात्रः भवतः कक्षायाम् अस्ति । भवान् भाषाशिक्षकरूपेण किं कर्तुम् अर्हति ?

1
अभ्यासार्थं कार्यपत्राणाम् वैविध्यम् उपरि ध्यानं दद्यात् ।
2
भवतः अध्यापने चाक्षुषप्रस्तुतीनां वैविध्येन प्रयोगः स्यात् ।
3
विविधानाम् इङ्गितानां शारीरिकक्रियाणां च बहुलतया उपयोगं करिष्यति ।
4
स्वरशैलीनां योग्यविरामाणां च कृत्वा स्पष्टं भाषेत स्पृष्ट्वा अनुभव वस्तूनां च उपयोगं कुर्यात् ।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: CTET_P2
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option D
Explanation

Option 4 सही उत्तर है क्योंकि यह दृष्टिहीन छात्रों के लिए भाषा शिक्षण में स्पष्टता और अनुभव के महत्व को दर्शाता है। जब एक छात्र दृष्टिहीन होता है, तो उसे सुनने और स्पर्श करने के माध्यम से सीखने की आवश्यकता होती है। इस विकल्प में स्वरशैली और योग्य विराम चिह्नों का उपयोग करके स्पष्ट भाषा में संवाद करने की बात की गई है, जिससे छात्र को बेहतर समझ और अनुभव…Read More

Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy

Source :

Pedagogy of Sanskrit
अक्षरसमृद्धं वातावरणम् एकम् अभिन्नम् अङ्गम् अस्ति _____ तथा च _____।
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 2
Easy

Source :

Pedagogy of Sanskrit
बहुभाषिकतावादः संसाधनरूपम् इत्युक्ते _____
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 3
Easy

Source :

Pedagogy of Sanskrit
एकं पाठं समाप्य पाठे स्थितान् विभिन्नप्रकारकाणि विशेष्यपदानि अनुसन्धाय प्रदत्तमञ्जूषायां लेखितुं छात्रान् निर्दिशति । एतद् अस्ति उदाहरणम् _____
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 4
Easy

Source :

Pedagogy of Sanskrit
अधोलिखितेषु किम् एका अवचेतनप्रक्रिया अस्ति यस्य प्रयोगः बालैः भावसम्प्रेषणार्थं क्रियते ।
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching