निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। आंतरिक और बाह्य दोनों रूपों में स्वच्छता और निर्मलता एक बुनियादी आवश्यकता है। मन के शुद्ध और सात्विक विचार आंतरिक स्वच्छता के आयाम हैं। बाह्य स्वच्छता के अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा-पर्यावरण, अच्छी सामाजिक और आर्थिक स्थिति का समावेश होता है। बाह्य स्वच्छता का मूलाधार आंतरिक स्वच्छता है। मन की स्वच्छता मानव व्यवहार को दर्शाती है। सत्य, शुद्धता, शांति, प्रेम और सम्मान जैसे आत्मा के जन्मजात गुणों का उल्लंघन प्राकृतिक विधि, विधान और व्यवस्था का उल्लंघन है। 'बाह्य स्वच्छता का मूलाधार आंतरिक स्वच्छता है।' वाक्य का आशय है :
वाक्य 'बाह्य स्वच्छता का मूलाधार आंतरिक स्वच्छता है।' का आशय यह है कि बाहरी स्वच्छता की नींव आंतरिक स्वच्छता पर आधारित होती है। इसका मतलब यह है कि जब तक मन और विचार शुद्ध और सात्विक नहीं होंगे, तब तक बाहरी स्वच्छता को सही रूप से अपनाना और बनाए रखना संभव नहीं है। आंतरिक स्वच्छता से तात्पर्य मन के शुद्ध और सात्विक विचारों से है, जो मानव व्यवहार को प्रभावित…Read More
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