निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। कहते हैं मनुष्य ने नौ से दस हजार साल पहले बौद्धिक दृष्टिकोण की खोज की थी। वह भक्ति मार्ग था। मानव इतिहास के इस दौर के लोग सबसे बुद्धिमान थे। मैंने पहले ही कहा है कि आध्यात्मिक दुनिया का महत्व बहुत अधिक है। फिर भी सापेक्ष दुनिया पूरी तरह से महत्वहीन नहीं है। जब सुदूर अतीत में मनुष्यों ने महसूस किया कि कर्म योग और ज्ञान योग उन्हें सच्ची प्रगति प्राप्त करने में मदद नहीं करेंगे, तो उन्होंने तुरंत भक्ति योग को अपना लिया। उन्होंने अनुभव किया कि भक्ति ही उनके लिए एकमात्र मार्ग है। मनुष्य आज अपने विकसित कर्म और ज्ञान योग के कारण और भी आगे बढ़ गया है। इस प्रकार अपने पूर्वजों की तुलना में वह भक्ति के मार्ग पर चलने की आवश्यकता को अधिक तेजी से महसूस करेगा। यह कर्म और ज्ञान योग का उज्जवल पक्ष है। यानी ये दोनों योग भक्ति मार्ग को और मजबूत करेंगे। भक्ति योग का महत्त्व है :
भक्ति योग का महत्त्व वास्तविक प्रगति की प्राप्ति में है। भक्ति योग का उद्देश्य भगवान के प्रति प्रेम और समर्पण के माध्यम से आत्मा की शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करना है। यह योग मार्ग व्यक्ति को अपने अहंकार और सांसारिक बंधनों से मुक्त करता है, जिससे वह वास्तविक प्रगति की ओर अग्रसर होता है। भक्ति योग में, व्यक्ति अपने मन और हृदय को भगवान के प्रति समर्पित करता है,…Read More
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