निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिए : देशवासियों सुनो देश को नमन करो देश ही आधार है, प्यार देश से करो । लड़ रहे हो आज क्यों छोटी-छोटी बात पर, देश हित को भूलकर प्रांत, भाषा, जात पर, मिटा के भेदभाव को, देश को सुदृढ़ करो । भ्रष्टाचार की लहर उठ रही नगर-नगर, घोर अंधकार में सूझती नहीं डगर, ज्योति नीति-धर्म की आज तुम प्रखर करो । देश आज रो रहा, देश का रुदन सुनो, बाँट दर्द देश का, मित्र देश के बनो प्रेम के पीयूष से, द्वेष का शमन करो । 'देश आज रो रहा है।' पंक्ति का आशय है -
'देश आज रो रहा है।' पंक्ति का आशय है कि देश में अशांति का वातावरण है। इस पंक्ति का अर्थ यह है कि देश में ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो गई हैं जो देश को दुखी और परेशान कर रही हैं। यह अशांति विभिन्न कारणों से हो सकती है, जैसे कि भ्रष्टाचार, प्रांत, भाषा, जाति के आधार पर लड़ाई, और नीति-धर्म की कमी। इन सभी कारणों से देश में एक प्रकार…Read More
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