निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : दिशाएँ निमंत्रण मुझे दे रही हैं, सफलता का यह द्वार मेरे लिए है ॥ न अवरोध कोई न बाधा कहीं है, न संदेह कोई न व्यवधान कोई । अटल एक विश्वास मन में भरा है, नहीं पथ-डगर आज अनजान कोई ॥ हृदय में कहीं कह रहा बात कोई, धरा औ गगन सिर्फ़ तेरे लिए है ॥ नहीं कुछ यहाँ जो मुझे रोक पाए, न कोई यहाँ जो मुझे टोक पाए । अजानी हवा में बहे जा रहा हूँ मुझे आज लगता कि मैं वह नहीं हूँ ॥ रही जगमगा इन्द्रधनुषी दिशाएँ, दिगंतर मदिर रस अलौकिक पिय हैं ॥ दिशाएँ कवि को क्यों बुला रही हैं ?
दिशाएँ कवि को सफलता प्राप्त करने के लिए बुला रही हैं। यह स्पष्ट रूप से काव्यांश में व्यक्त किया गया है, जहाँ कवि यह महसूस करता है कि दिशाएँ उसे निमंत्रण दे रही हैं और सफलता का द्वार उसके लिए खुला है। यह संकेत करता है कि कवि को अपने प्रयासों में सफलता प्राप्त करने का विश्वास है और दिशाएँ उसे इस दिशा में प्रेरित कर रही हैं। अब अन्य…Read More
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