निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वोधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों, सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ेगा। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमत्ता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमत्ता के स्तर को इतना ऊंचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बन गया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके। यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो। गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि एआई ऐसी होनी चाहिए जो :
गद्यांश के आधार पर, एआई के संदर्भ में यह कहा जा सकता है कि एआई ऐसी होनी चाहिए जो मानवीय गुणों का संस्कार दे। इसका कारण यह है कि गद्यांश में यह चिंता व्यक्त की गई है कि एआई का विकास इस प्रकार होना चाहिए कि वह इंसानियत फैलाने में मददगार हो। यह स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि एआई को मानवीय गुणों और मूल्यों को बढ़ावा देना चाहिए,…Read More
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