निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए । जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए । जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है । जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है । अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं । यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है । क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है । अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है । गद्यांश के अनुसार 'अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं।' वाक्य का आशय है कि__
गद्यांश के अनुसार, 'अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं' का आशय यह है कि अहंकार हमें दिखावटी जीवन व्यतीत करने की ओर ले जाता है। यह इसलिए सही है क्योंकि गद्यांश में बताया गया है कि अहंकार से भरा जीवन आडंबर पर आधारित होता है और यह हमें बाहर की तरफ देखने के लिए प्रेरित करता है। जब हम केवल बाहरी दिखावे पर ध्यान केंद्रित करते…Read More
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