निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए । स्वातंत्र्योत्तर भारत की सबसे बड़ी ट्रेजेडी यह नहीं है कि शासक वर्ग ने औद्योगीकरण का मार्ग चुना, ट्रेजेडी यह रही है कि पश्चिम की देखादेखी और नक़ल में योजनाएँ बनाते समय – प्रकृति, मनुष्य और संस्कृति के बीच का नाज़ुक संतुलन किस तरह नष्ट होने से बचाया जा सकता है – इस ओर हमारे पश्चिम शिक्षित सत्ताधारियों का ध्यान कभी नहीं गया । हम बिना पश्चिम को मॉडल बनाए, अपनी शर्तों और मर्यादाओं के आधार पर, औद्योगिक विकास का भारतीय स्वरूप निर्धारित कर सकते हैं, कभी इसका ख्याल भी हमारे शासकों को आया हो, ऐसा नहीं जान पड़ता । गद्यांश में किसके संतुलन की बात की गई है ?
गद्यांश में स्पष्ट रूप से प्रकृति, मनुष्य और संस्कृति के बीच के संतुलन की बात की गई है। यह संतुलन इस बात पर केंद्रित है कि कैसे पश्चिम की नकल करते समय हमारे शासक वर्ग ने इस संतुलन को बनाए रखने की ओर ध्यान नहीं दिया। गद्यांश में इस बात पर जोर दिया गया है कि औद्योगिक विकास के भारतीय स्वरूप को निर्धारित करते समय हमारे शासकों ने प्रकृति, मनुष्य…Read More
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