Question
Easy
हिंदी भाषा की पाठ्य-पुस्तकों में हिंदीतर भाषाओं की रचनाओं को भी स्थान मिलना चाहिए ताकि
1
बच्चों को हिंदीतर रचनाकारों की जानकारी मिल जाए ।
2
बच्चे हिंदीतर रचनाओं की भाषिक विशेषताओं से परिचित हो सकें ।
3
बच्चे हिंदीतर भाषाओं पर अपनी पकड़ बना सकें ।
4
बच्चे हिंदीतर भाषाओं के व्याकरण से परिचित हो सकें ।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: CTET_P2
Chapter: Pedagogy of Hindi
Topic: Approaches & Evaluation in Hindi Teaching
Correct Answer
Option B
Explanation
हिंदी भाषा की पाठ्य-पुस्तकों में हिंदीतर भाषाओं की रचनाओं को स्थान देने का मुख्य उद्देश्य यह है कि बच्चे हिंदीतर रचनाओं की भाषिक विशेषताओं से परिचित हो सकें। यह विकल्प 2 को सही ठहराता है। विस्तृत व्याख्या: 1. भाषिक विशेषताओं से परिचय: हिंदीतर रचनाओं को पाठ्यक्रम में शामिल करने से बच्चों को विभिन्न भाषाओं की भाषिक विशेषताओं, जैसे कि शैली, शब्दावली, और व्याकरणिक संरचना, को समझने का अवसर मिलता है।…Read More
Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy
Source :
Pedagogy of Hindi
प्राथमिक स्तर पर पढ़ाने वाली सुनीता अपनी कक्षा के बच्चों को प्रतिदिन एक कहानी पढ़कर सुनाती हैं और उस पर चर्चा करती हैं। आप इस…
Chapter :
Pedagogy of Hindi
Topic :
Approaches & Evaluation in Hindi Teaching
Question 2
Easy
Source :
Pedagogy of Hindi
गद्य शिक्षण में अपेक्षित नहीं है
Chapter :
Pedagogy of Hindi
Topic :
Approaches & Evaluation in Hindi Teaching
Question 3
Easy
Source :
Pedagogy of Hindi
उच्च प्राथमिक स्तर पर हिंदी भाषा शिक्षण का एक महत्त्वपूर्ण उद्देश्य है -
Chapter :
Pedagogy of Hindi
Topic :
Approaches & Evaluation in Hindi Teaching
Question 4
Easy
Source :
Pedagogy of Hindi
भाषण, परिचर्चा, संवाद, बच्चों की क्षमता का विकास करने में सहायक हैं।
Chapter :
Pedagogy of Hindi
Topic :
Approaches & Evaluation in Hindi Teaching