निम्लिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिए : विविध प्रांत है अपनी-अपनी भाषा के आभिमानी हम, पर इन सबसे पहले दुनियावालो हिन्दुस्तानी हम। रहन-सहन में, खान-पान में, भिन्न भले ही हों कितने, इस मिट्टी को देते आए, मिल-जुलकर कुर्बानी हम। सदियों से कुचले लाखों तूफान हमने पद तल से, आज झुके कुछ टकराकर तो कल लगते फिर जागे से। अंडमन से कश्मीर भले ही दूर दिखाई दे कितना, पर हर प्रांत जुड़ा है अपना अगणित कोमल धागों से। जिस ओर बढ़ाए पग हमने, हो गई उधर भू नव मंगल। आज़ाद वतन के बाशिंदे, हर चरण हमारा है बादल।। हम भारतीय जिधर भी अपने कदम बढ़ाते हैं वहाँ
हम भारतीय जिधर भी अपने कदम बढ़ाते हैं वहाँ शुभ कार्य होते हैं। यह विकल्प 4 को सही ठहराता है। इस काव्यांश में भारतीयों की विशेषता और उनके सकारात्मक प्रभाव का वर्णन किया गया है। जब भारतीय अपने कदम बढ़ाते हैं, तो वे अपने साथ समृद्धि, विकास और सकारात्मकता लाते हैं। यह इस बात का प्रतीक है कि भारतीयों की उपस्थिति और उनके कार्यों से उस स्थान पर शुभ कार्य…Read More
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