निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए । इस ब्रह्मांड में हम सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है । कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे से ज़्यादा ख़ास नहीं है क्योंकि परमात्मा की नज़र में हम सब एक समान हैं । ध्यान-अभ्यास हमें सभी जीवों को एक समान देखने में मदद करता है । हम मानते हैं कि कोई भी व्यक्ति जो एक चौकीदार, क्लर्क या कैशियर है, वह उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि किसी कंपनी का कोई मालिक । हमें समझ आता है कि किसी कंपनी का मालिक कर्मचारियों के बिना काम नहीं कर सकता । चाहे वे अधिक वेतन पाने वाले हों या सबसे कम वेतन पाने वाले । सभी लोग अपनी-अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं । भले ही हम बाहर से रंग, रूप, समाज, संस्कृति आदि के स्तर पर अलग दिखते हैं लेकिन पिता-परमेश्वर की संतान होने के नाते हम सभी एक समान हैं । गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि हम सभी समान हैं क्योंकि-
गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि हम सभी समान हैं क्योंकि हम ईश्वर की संतान हैं। यह विचार गद्यांश में स्पष्ट रूप से व्यक्त किया गया है, जहाँ यह कहा गया है कि "पिता-परमेश्वर की संतान होने के नाते हम सभी एक समान हैं।" इस कथन से यह स्पष्ट होता है कि समानता का आधार हमारे ईश्वर की संतान होने में निहित है, न कि किसी अन्य…Read More
Source :
Source :
Source :
Source :