निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए । जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए । जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है । जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है । अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं । यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है । क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है । अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है । जीवन का सम्मान कैसे किया जा सकता है?
जीवन का सम्मान कैसे किया जा सकता है? Option 3: जिस रूप में जीवन मिला है, उसे उसी रूप में जीकर Explanation: 1. Option 3 का समर्थन: गद्यांश में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जीवन का सम्मान तब होता है जब हम उसे उसी रूप में जीते हैं जैसा वह हमें मिला है। यह विचार इस बात पर जोर देता है कि जीवन को निश्छल और निष्कपट…Read More
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