निर्देश : नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। पूर्व चलने के बटोही, बाट की पहचान कर ले। है अनिश्चित किस जगह पर, सरित गिरि गह्वर मिलेंगे है अनिश्चित किस जगह पर बाग़ वन सुन्दर मिलेंगे। किस जगह यात्रा खत्म हो जाएगी यह भी अनिश्चित है अनिश्चित कब सुमन कब कंटकों के शर मिलेंगे। कौन सहसा छू जाएँगे मिलेंगे कौन सहसा आ पड़े कुछ भी रुकेगा तू न ऐसी आन कर ले। पूर्व चलने के बटोही, बाट की पहचान कर ले। कविता की पंक्तियों में कवि व्यक्ति को किस बात की प्रेरणा दे रहा है?
कविता की पंक्तियों में कवि व्यक्ति को हर स्थिति में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है। यह प्रेरणा इस बात से स्पष्ट होती है कि कवि व्यक्ति को "पूर्व चलने के बटोही" कहकर संबोधित कर रहा है और उसे "बाट की पहचान कर ले" की सलाह दे रहा है। इसका अर्थ है कि व्यक्ति को अपनी यात्रा में आने वाली अनिश्चितताओं और चुनौतियों के बावजूद आगे बढ़ते रहना चाहिए।…Read More
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