निर्देश : नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। पूर्व चलने के बटोही, बाट की पहचान कर ले। है अनिश्चित किस जगह पर, सरित गिरि गह्वर मिलेंगे है अनिश्चित किस जगह पर बाग़ वन सुन्दर मिलेंगे। किस जगह यात्रा खत्म हो जाएगी यह भी अनिश्चित है अनिश्चित कब सुमन कब कंटकों के शर मिलेंगे। कौन सहसा छू जाएँगे मिलेंगे कौन सहसा आ पड़े कुछ भी रुकेगा तू न ऐसी आन कर ले। पूर्व चलने के बटोही, बाट की पहचान कर ले। कविता में आए 'सुमन और कंटक' किस भाव के प्रतीक हैं?
कविता में 'सुमन और कंटक' का प्रयोग प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। 'सुमन' का अर्थ होता है फूल, जो आमतौर पर सुख, सौंदर्य और सकारात्मकता का प्रतीक होता है। वहीं, 'कंटक' का अर्थ होता है काँटे, जो दुख, कठिनाई और नकारात्मकता का प्रतीक होते हैं। इस प्रकार, 'सुमन और कंटक' का प्रयोग जीवन के सुख और दुख के प्रतीक के रूप में किया गया है। अब हम अन्य विकल्पों…Read More
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