निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : आकाश का साफ़ा बाँधकर सूरज की चिलम खींचता बैठा है पहाड़ घुटनों पर पड़ी है नदी चादर-सी पास ही दहक रही है पलाश के जंगल की अँगीठी अंधकार दूर पूर्व में सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा अचानक बोला मोर जैसे किसी ने आवाज़ दी - 'अजी सुनते हो।' चिलम औंधी धुआँ उठा सूरज डूबा अँधेरा छा गया। कविता में दो समानार्थी शब्द हैं : 1. अंधकार 2. अँधेरा इन दोनों के बारे में कौन-सा कथन सत्य है ?
विकल्प 4 सही है: "दूसरा तद्भव है।" 1. विकल्प 4 का समर्थन: - "अंधकार" और "अँधेरा" दोनों शब्द संस्कृत से उत्पन्न हुए हैं। "अंधकार" एक तत्सम शब्द है, जिसका अर्थ है कि यह सीधे संस्कृत से लिया गया है और इसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। दूसरी ओर, "अँधेरा" तद्भव शब्द है, जिसका अर्थ है कि यह संस्कृत से उत्पन्न होकर हिंदी में परिवर्तित हुआ है। तद्भव शब्द वे होते…Read More
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