निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : विभिन्न भाषाओं में साहित्य की विशिष्ट विधा के रूप में संस्मरण का महत्वपूर्ण स्थान है। हिंदी में भी संस्मरण लिखने की एक सुदीर्घ परंपरा है। जनमन की जीवन-यात्रा की अंतरंग छवियों को संस्मरण कह सकते हैं। संस्मरणों में, जीवन में आने वाले व्यक्तियों, पात्रों, स्थानों और घटनाओं की अंतरंग छवियाँ प्रस्तुत की जाती हैं। इसलिए इसमें साधारण से साधारण और महत्वपूर्ण से महत्वपूर्ण पात्र और प्रसंग शामिल होते हैं। कई बार साहित्यकार अपने संस्मरण को एक व्यापक यथार्थ से ही जोड़कर रखते हैं तो कई बार उसमें अपनी कल्पना को भी पुट भर देते हैं। कुछ साहित्यकार अपने संस्मरण के माध्यम से मानवीय संरोकारों को भी अभिव्यक्त करते हैं। कुछ साहित्यकार संस्मरण के माध्यम से क्या अभिव्यक्त करते हैं ?
साहित्यकार अक्सर संस्मरण के माध्यम से मानवीय सरोकारों को अभिव्यक्त करते हैं। संस्मरण एक ऐसा साहित्यिक रूप है जिसमें लेखक अपने व्यक्तिगत अनुभवों और यादों को साझा करता है। यह शैली लेखक को अपने जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों, भावनाओं और अनुभवों को पाठकों के साथ साझा करने का अवसर देती है। मानवीय सरोकारों का तात्पर्य उन भावनाओं, संवेदनाओं और मूल्यों से है जो मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाते…Read More
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