निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। मानसिक जगत में परिवर्तन कैसे आया ? जब मानव ने मन के विकास के लिए भौतिक और मानसिक दुनिया की खामियों के खिलाफ लड़ाई शुरू की तो मानसिक परिवर्तन होने लगे। यही लड़ाई अब भी जारी है और आगे भी रहेगी। आनंद मार्ग दर्शन के अनुसार मानसिक दुनिया में परिवर्तन को ज्ञान योग कहा जा सकता है। यह बदलाव भी पूर्ण महत्व का नहीं, सापेक्ष महत्व का ही था। क्या मनुष्य ने अपनी अंतर्निहित खामियों के खिलाफ लड़ाई में किसी बड़ी ताकत की मदद ली ? हां। उन शुरूआती दिनों में लोगों ने देखा कि भौतिक दुनिया की अपेक्षा मानसिक दुनिया में अधिक खामियाँ थीं। गहन विश्लेषण के बाद मनुष्यों ने निष्कर्ष निकाला कि यदि वे अपनी मानसिक प्रवृत्तियों को एक बिंदु पर केंद्रित कर सकते हैं और उन्हें ब्रह्मांडीय ऊर्जा में विलीन कर सकते हैं, तो वे उस ब्रह्मांडीय ऊर्जा की सहायता से अपनी खामियों को दूर करने में सक्षम होंगे और पोषित लक्ष्य प्राप्त कर सकेंगे। मानसिक दुनिया से तात्पर्य है__|
मानसिक दुनिया से तात्पर्य है "काल्पनिक दुनिया" (Option 3) और इसे सही उत्तर के रूप में समर्थन करने के लिए निम्नलिखित तर्क प्रस्तुत किए जा सकते हैं: 1. काल्पनिक दुनिया का अर्थ: गद्यांश में मानसिक दुनिया का उल्लेख उस संदर्भ में किया गया है जहां मनुष्य अपनी मानसिक प्रवृत्तियों को ब्रह्मांडीय ऊर्जा में विलीन करने की बात करता है। यह प्रक्रिया वास्तविकता से परे एक काल्पनिक या अमूर्त दुनिया की…Read More
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