निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : कलम, आज उनकी जय बोल। जला आस्थियां बारी-बारी छिटकाई जिनने चिनगारी, जो चढ़ गए पुण्य वेदी पर लिए बिना गरदन का मोल। कलम, आज उनकी जय बोल। जो अगणित लघु दीप हमारे, तूफानों में एक किनारे, जल-जलकर बुझ गए किसी दिन माँगा नहीं स्नेह मुँह खोल। कलम, आज उनकी जय बोल। पीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगाल रहीं लू-लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी धरती रही अभी तक डोल। कलम, आज उनकी जय बोल। "निस्वार्थ भाव से अपने प्राणों का बलिदान कर दिया" यह भाव किस पंक्ति में मुखरित हुआ है ?
Option 4, "जो चढ़ गए पुण्य वेदी पर लिए बिना गरदन का मोल," सही उत्तर है क्योंकि यह पंक्ति निस्वार्थ भाव से अपने प्राणों का बलिदान करने की भावना को स्पष्ट रूप से व्यक्त करती है। इस पंक्ति में उन लोगों की बात की गई है जिन्होंने पुण्य वेदी पर अपने प्राणों की आहुति दी, बिना अपनी गरदन का मोल लिए। यह निस्वार्थता और बलिदान की भावना को दर्शाता है,…Read More
Source :
Source :
Source :
Source :