निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए । इस संसार में सब कुछ अस्थायी है । पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं । पुण्य सुख देकर और पाप दुःख देकर अंत को प्राप्त होता है । लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं । पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की । बंधन दोनों में है । लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है । उसमें उसको धन नज़र आता है उससे छूटने का मन नहीं करता । समूह से भिन्न शब्द है :
समूह से भिन्न शब्द "फल" है। इस प्रश्न में दिए गए विकल्पों में से हमें उस शब्द का चयन करना है जो अन्य शब्दों से भिन्न है। 1. फल: गद्यांश में "फल" का उल्लेख पाप और पुण्य के परिणाम के रूप में किया गया है। यह एक विशेष परिणाम या नतीजे को दर्शाता है। यह शब्द अन्य विकल्पों से भिन्न है क्योंकि यह किसी प्रक्रिया या स्थिति का परिणाम है,…Read More
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