Question
Easy

प्रदत्तविषयमधिकृत्य यदा छात्राय एकां लघुकवितां रचयितुं निर्दिशति तदा सः

1
सर्जनात्मकचिन्तनं (Creative thinking) करोति ।
2
समानुभूतिकचिन्तनं (empathetic thinking) करोति ।
3
सहानुभूतिकचिन्तनं (sympathetic thinking) करोति ।
4
सांस्कृतिकचिन्तनं (Cultural thinking) करोति ।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: Paper 2
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option A
Explanation

प्रदत्तविषयमधिकृत्य छात्राय एकां लघुकवितां रचयितुं निर्दिशति, तस्मिन् सन्दर्भे सर्जनात्मकचिन्तनं (Creative thinking) अत्यन्त महत्वपूर्णं अस्ति। लघुकविता रचना एक प्रकार की सर्जनात्मक प्रक्रिया है, जिसमें छात्र को अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों को एक नवीन और अनूठे तरीके से व्यक्त करना होता है। सर्जनात्मकचिन्तनं छात्र को विभिन्न दृष्टिकोणों से विचार करने, नए विचार उत्पन्न करने और अपनी कल्पना का उपयोग करने की अनुमति देता है। जब छात्र एक लघुकविता लिखता है, तब…Read More

Similar Questions from CTET Exam - Paper 2 - Year 2019
Question 1
Easy

Source :

CTET 2019
प्रक्रियोपागमानुसारं (Process approach) निम्नलिखितेषु कस्य उपयोगः लेखनकार्यस्य आरम्भकाले शिक्षकेण न क्रियेत ?
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 2
Easy

Source :

CTET 2019
पात्राभिनयम् (Role Play) प्रत्येकं भाषाकक्षायाः अभिन्नाङ्गरूपेण स्यात् यतः
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 3
Easy

Source :

CTET 2019
छात्रान् उत्कृष्टपाठकान् कर्तुं शब्दकोषीयविकासः महत्त्वपूर्ण घटकम् अस्ति । तदर्थम् अधोलिखितेषु किं प्रभावकारिपद्धतिः स्यात् ?
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 4
Easy

Source :

CTET 2019
बालस्य जीवनस्य विषये महत्त्वपूर्णघटनानां विषये शिक्षकः अवलोकनं करोति तेषामुपरि वर्णनात्मकम् अभिलेखनं च करोति । किं तत् कथ्यते ?
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching