निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वोधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ़ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ़ बहेना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके ज़रिए हम अपने प्राण को रोज़ बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों को रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है। प्राण वायु शरीर के हर अंग में संतुलित और __ होकर बहती है।
प्रश्न: प्राण वायु शरीर के हर अंग में संतुलित और होकर बहती है। सही उत्तर: विकल्प 1 (व्यवस्थित) विस्तृत व्याख्या: 1. विकल्प 1: व्यवस्थित प्राण वायु का शरीर के हर अंग में संतुलित और व्यवस्थित रूप से बहना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करता है कि शरीर के सभी अंगों को आवश्यक ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते रहें, जिससे वे सही ढंग से कार्य कर सकें। व्यवस्थित प्रवाह का अर्थ…Read More
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