निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। कहते हैं मनुष्य ने नौ से दस हजार साल पहले बौद्धिक दृष्टिकोण की खोज की थी। वह भक्ति मार्ग था। मानव इतिहास के इस दौर के लोग सबसे बुद्धिमान थे। मैंने पहले ही कहा है कि आध्यात्मिक दुनिया का महत्व बहुत अधिक है। फिर भी सापेक्ष दुनिया पूरी तरह से महत्वहीन नहीं है। जब सुदूर अतीत में मनुष्यों ने महसूस किया कि कर्म योग और ज्ञान योग उन्हें सच्ची प्रगति प्राप्त करने में मदद नहीं करेंगे, तो उन्होंने तुरंत भक्ति योग को अपना लिया। उन्होंने अनुभव किया कि भक्ति ही उनके लिए एकमात्र मार्ग है। मनुष्य आज अपने विकसित कर्म और ज्ञान योग के कारण और भी आगे बढ़ गया है। इस प्रकार अपने पूर्वजों की तुलना में वह भक्ति के मार्ग पर चलने की आवश्यकता को अधिक तेजी से महसूस करेगा। यह कर्म और ज्ञान योग का उज्जवल पक्ष है। यानी ये दोनों योग भक्ति मार्ग को और मजबूत करेंगे। 'सापेक्ष' का विलोम शब्द है :
सापेक्ष' का विलोम शब्द 'निरापेक्ष' है, जो विकल्प 3 में दिया गया है। 1. विकल्प 3: निरापेक्ष - 'सापेक्ष' का अर्थ होता है जो किसी अन्य वस्तु या स्थिति पर निर्भर करता है या उससे संबंधित होता है। इसके विपरीत, 'निरापेक्ष' का अर्थ होता है जो किसी भी अन्य वस्तु या स्थिति पर निर्भर नहीं करता है, अर्थात स्वतंत्र या स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में होता है। इसलिए, 'सापेक्ष' का…Read More
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