Question
Easy

समावेशिकक्षाकक्षे भाषाशिक्षकः अध्यापनसमये _

1
दुर्बलच्छात्राणां साहाय्यं कर्तुं पतिभावतः छात्रान् निर्दिशेत् ।
2
भिन्नायाः अधिगमशैल्याः उपयोगं कृत्वा तेषाम् अधिगमप्रक्रियायां सहयोगं कुर्यात् ।
3
तैः सह व्यवहारं कर्तु विशिष्टशिक्षाविदं नियोक्तुं प्राचार्याय निवेदनं कुर्यात् ।
4
विद्यालये तेषां षट् होराः शान्ततया समाप्ताः स्युः इति सुनिश्चितं कुर्यात् ।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: CTET_P2
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option B
Explanation

Option 2 सही उत्तर है क्योंकि यह भाषाशिक्षक के कार्य के संदर्भ में छात्रों की भिन्न अधिगम शैलियों को ध्यान में रखते हुए उनकी अधिगम प्रक्रिया में सहयोग करने की बात करता है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि हर छात्र की सीखने की क्षमता और शैली अलग होती है। यदि शिक्षक भिन्न अधिगम शैलियों का उपयोग करते हैं, तो वे छात्रों को अधिक प्रभावी ढंग से सिखा सकते हैं और उनकी…Read More

Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy

Source :

Pedagogy of Sanskrit
यदा सम्यक् नियुक्त्यवसराणां कृते छात्राः भाषाधिगमं कुर्वन्ति तदा तेषां भाषाधिगमस्य प्रेरणा भवति _____
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 2
Easy

Source :

Pedagogy of Sanskrit
प्रभावकारिभाषाकक्षायाः सर्वाधिकं महत्त्वपूर्ण लक्षणम् अस्ति शिक्षार्थिनां कृते अवसरप्रदानम् _____
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 3
Easy

Source :

Pedagogy of Sanskrit
भाषायां दक्षतायाः कृते अधस्तनेषु किं सर्वाधिकं महत्त्वपूर्णम् ?
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Question 4
Easy

Source :

Pedagogy of Sanskrit
एकः प्रभावकारी भाषाशिक्षकः (1) अध्यापकस्य कथनसमयस्य वर्धनं करिष्यति । (2) विद्यार्थिनः कथनसमयस्य वर्धनं करिष्यति । (3) विद्यार्थिनः कथनसमयं न्यूनं करिष्यति । (4) सामूहिककार्य युगलकार्यं च…
Chapter :
Pedagogy of Sanskrit
Topic :
Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching