निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : आकाश का साफ़ा बाँधकर सूरज की चिलम खींचता बैठा है पहाड़ घुटनों पर पड़ी है नदी चादर-सी पास ही दहक रही है पलाश के जंगल की अँगीठी अंधकार दूर पूर्व में सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा अचानक बोला मोर जैसे किसी ने आवाज़ दी - 'अजी सुनते हो।' चिलम औंधी धुआँ उठा सूरज डूबा अँधेरा छा गया। शाम का सजीव चित्रण करने के लिए किस रूपक को अनुपयुक्त माना जा सकता है ?
शाम का सजीव चित्रण करने के लिए रूपकों का उपयोग किया जाता है जो शाम के वातावरण और दृश्य को दर्शाते हैं। दिए गए विकल्पों में से हमें यह समझना है कि कौन सा रूपक शाम के चित्रण के लिए अनुपयुक्त है। 1. सूरज की चिलम: यह रूपक शाम के समय सूरज के ढलने और उसके रंगों को धुएँ की तरह फैलते हुए दिखाने के लिए उपयुक्त है। जब सूरज…Read More
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