Question
Easy

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिए : आज शिक्षक की भूमिका उपदेशक या ज्ञानदाता की-सी नहीं रही। वह तो मात्र एक प्रेरक है कि शिक्षार्थी स्वयं सीख सकें। उनके किशोर मानस को ध्यान में रखकर शिक्षक को अपने शिक्षण कार्य के दौरान अध्ययन-अध्यापन की परंपरागत विधियों से दो कदम आगे जाना पड़ेगा, ताकि शिक्षार्थी समकालीन यथार्थ और दिन-प्रतिदिन बदलते जीवन की चुनौतियों के बीच मानव-मूल्यों के प्रति अडिग आस्था बनाए रखने की प्रेरणा ग्रहण कर सके। पाठगत बाधाओं को दूर करते हुए विद्यार्थियों की सहभागिता को सही दिशा प्रदान करने का कार्य शिक्षक ही कर सकता है। भाषा शिक्षण की कोई एक विधि नहीं हो सकती। जैसे मध्यकालीन कविता में अलंकार, छंदविधान, तुक आदि के प्रति आग्रह था किन्तु आज लय और प्रवाह का महत्व है। कविता पढ़ते समय कवि की युग चेतना के प्रति सजगता समझना आवश्यक है। निबंध में लेखन के दृष्टिकोण और भाषा-शैली का महत्व है और शिक्षार्थी को अर्थग्रहण की योग्यता का विकास जरूरी है। कहानी के भीतर बुनी अनेक कहानियों को पहचानने और उन सूत्रों को पल्लवित करने का अभ्यास शिक्षार्थी की कल्पना और अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ाने के लिए उपयोगी हो सकता है। कभी-कभी कहानी का नाटक में विधा परिवर्तन कर उसका मंचन किया जा सकता है। मूल्यांकन वस्तुतः सीखने की ही एक प्रणाली है, ऐसी प्रणाली जो रटंत प्रणाली से मुक्ति दिला सके। परंपरागत साँचे का अनुपालन न करे, अपना ढांचा निर्मित कर सके। इसलिए यह गाँठ बाँध लेना आवश्यक है कि भाषा और साहित्य के प्रश्न बँधे-बँधाये उत्तरों तक सीमित नहीं हो सकते। शिक्षक पूर्वनिर्धारित उत्तर की अपेक्षा नहीं कर सकता। विद्यार्थियों के उत्तर साँचे से हटकर किन्तु तर्क संगत हो सकते हैं और सही भी। इस खुलेपन की चुनौती को स्वीकारना आवश्यक है। शिक्षक से किस प्रकार की बाधाएँ दूर करने की अपेक्षा की गई है ?

1
पाठ पढ़ाते हुए आने वाली
2
पाठ-प्रस्तुति से संबंधित
3
पाठ के भीतर से उभरने वाली
4
पाठ्यक्रम से जुड़ी हुई
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: CTET_P2
Chapter: रचना कौशल
Topic: अपठित गद्यांश (गद्यांश तथा व्याकरण आधारित)
Correct Answer
Option C
Explanation

शिक्षक से पाठ के भीतर से उभरने वाली बाधाएँ दूर करने की अपेक्षा की गई है। इसका अर्थ यह है कि शिक्षक को पाठ के दौरान उन समस्याओं या चुनौतियों को पहचानना और हल करना चाहिए जो पाठ की सामग्री या विषयवस्तु से सीधे संबंधित होती हैं। ये बाधाएँ पाठ के अर्थ, संदर्भ, या जटिलता से उत्पन्न हो सकती हैं, और शिक्षक का कार्य है कि वे छात्रों को इन…Read More

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Question 1
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निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिए : आज शिक्षक की भूमिका उपदेशक या ज्ञानदाता की-सी नहीं रही।…
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निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : आज शिक्षा के क्षेत्र में भी बाज़ारीकरण हो जाने…
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