निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । जीवन में कभी अभाव का दुःख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुःख घेरे रहता है । इन्हीं दुःखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुःख भोगते हैं । दुःखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुःख अप्रिय हैं । दुःखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुःखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुःख नहीं । जहाँ दुःख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुःख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है । सुख कहाँ होता है ?
सुख कहाँ होता है ? सही उत्तर: जहाँ धर्म होता है। (विकल्प 3) विस्तृत व्याख्या: 1. विकल्प 3: जहाँ धर्म होता है। - गद्यांश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दुःखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग धर्म को आत्मसात करना है। इसका अर्थ है कि जहाँ धर्म होता है, वहाँ पाप नहीं होता और जब पाप नहीं होता, तो दुःख भी नहीं होता। इस प्रकार,…Read More
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