Question
Easy

वर्ण-विचार की दृष्टि से असंगत विकल्प चुनिए :

1
एक ही स्थान से उच्चरित दो सवर्ण स्वरों के योग से निर्मित स्वर उत्पत्ति के आधार पर 'दीर्घ स्वर' कहलाते हैं; जबकि भिन्न-भिन्न स्थानों से उच्चरित दो विजातीय स्वरों के योग से निर्मित स्वर 'संयुक्त स्वर' कहलाते हैं।
2
अनुस्वार व्यंजनों की प्रकृति है; जबकि अनुनासिक स्वरों की प्रकृति है।
3
जिन स्वरों के उच्चारण में हवा नाक से नहीं अपितु केवल मुख से निकलती है उन्हें 'सानुनासिक' स्वर कहा जाता है जबकि जिन स्वरों के उच्चारण में वायु मुख के साथ-साथ नासिका से भी निकलती है उन्हें 'निरनुनासिक स्वर' कहा जाता है।
4
हिन्दी वर्णमाला में श ष स ह वर्ण संघर्षी हैं जबकि च छ ज झ आदि वर्ण स्पर्श संघर्षी हैं।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: वर्ण विज्ञान
Topic: वर्णमाला
Correct Answer
Option C
Explanation

Option 3 वर्ण-विचार की दृष्टि से असंगत है क्योंकि यह 'सानुनासिक' और 'निरनुनासिक' स्वरों की परिभाषाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है। Option 3 की व्याख्या: * गलत परिभाषा: Option 3 कहता है कि जिन स्वरों के उच्चारण में हवा नाक से नहीं, बल्कि केवल मुख से निकलती है, उन्हें 'सानुनासिक' स्वर कहा जाता है, और जिन स्वरों के उच्चारण में वायु मुख के साथ-साथ नासिका से भी निकलती…Read More