निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए :
"जीवन में वही व्यक्ति सफल होता है, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में अपनी बुद्धि से काम लेता है और परिश्रम, ईमानदारी तथा विवेक से काम करता है। वह सभी का सम्मान करता है और बड़ों के प्रति अप्रिय शब्द नहीं बोलता। सभी से नम्रता और उदारता का व्यवहार करता है। यही सुमति के गुण हैं। जहाँ सुमति नहीं रहती वहाँ दंभ, अहंकार, क्रोध और अधीरता के दुर्गुणों का साम्राज्य रहता है। सुमति के न रहने से ही तो कुमति आती है। सुमतिहीन लोगों से संपत्ति भी सदैव दूर रहती है और उनका कोई आदर और सम्मान भी नहीं करता। इसी कारण ऐसे लोग विपत्तियों तथा कष्टों से घिरे रहते हैं। इसलिए गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस के सुंदरकाण्ड में कहा है - जहाँ सुमति तहँ संपति नाना। जहाँ कुमति तहँ विपति निदाना।।"
निम्नलिखित में से निश्चित परिमाणवाचक विशेषण का उदाहरण है :
निश्चित परिमाणवाचक विशेषण वे विशेषण होते हैं जो किसी वस्तु या व्यक्ति की निश्चित मात्रा या संख्या को दर्शाते हैं। इस प्रकार के विशेषण स्पष्ट रूप से बताते हैं कि कितनी मात्रा या संख्या की बात की जा रही है। अब हम दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं: 1. नवजीत ने कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह वाक्य किसी विशेषण का उदाहरण नहीं है जो निश्चित मात्रा या…Read More
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