निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के उत्तर लिखिए:
सायँ और प्रातः दिन और रात विधाता इसके हृदय में अचिंतनीय और अद्भुत आध्यात्मिक भावों की वृष्टि करता है | यदि कोई इसके घर आ जाता है तो यह उनको मृदु वचन, मीठे जल और अन्न से तृप्त करता है | धोखा यह किसी को नहीं देता | यदि इसको कोई धोखा दे भी दे तो इसका इसे ज्ञान नहीं होता क्योंकि इसकी खेती हरी-भरी है; गाय इसकी दुग्ध देती है, स्त्री इसकी आज्ञाकारिणी है, मकान इसका पुण्य और आनंद का स्थान है | पशुओं को चराना, नहलाना, खिलाना-पिलाना, उसके बच्चों की अपने बच्चों की तरह सेवा करना, खुले आकाश के नीचे उसके साथ रात गुजार देना क्या स्वाध्याय से कम है ? दया, वीरता और प्रेम जैसा इन किसानों में देखा जाता है, अन्यत्र मिलने का नहीं | गुरु नानक ने ठीक कहा है – “भोले भाव मिले रघुराई” भोले भाले किसानों को ईश्वर अपने खुले दीदार का दर्शन देता है | उनकी फूस की छतों में से सूर्य और चन्द्रमा छन-छनकर उनके बिस्तरों पर पड़ता है | ये प्रकृति के जवान साधु हैं |
'ये प्रकृति के जवान साधु हैं।' वाक्य को पूर्ण भूतकाल में बदलने पर वाक्य होगा
वाक्य 'ये प्रकृति के जवान साधु हैं।' को पूर्ण भूतकाल में बदलने पर सही वाक्य होगा 'ये प्रकृति के जवान साधु हो गए।' 1. Option 3: ये प्रकृति के जवान साधु हो गए। यह विकल्प सही है क्योंकि यह वाक्य को पूर्ण भूतकाल में बदलता है। 'हैं' का भूतकाल 'हो गए' होता है, जो यह दर्शाता है कि वे पहले प्रकृति के जवान साधु थे। यह वाक्य भूतकाल की स्थिति…Read More
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