निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के उत्तर लिखिए :
बहुत दूर तक और बहुत काल से पीड़ा पहुँचाते चले आते हुए किसी घोर अत्याचारी का बना रहना ही लोक की क्षमा की सीमा है | इनके आगे क्षमा न दिखाई देगी, नैराश्य, कायरता और शीथिलता छोड़ दिखाई पड़ेगी | ऐसी गहरी उदासी की छाया के बीच आशा, उत्साह और तत्परता की प्रभा जिस क्रोधाग्नि के साथ फूटती दिखाई पड़ेगी, उसके सौन्दर्य का अनुभव सारा लोक करेगा | राम का कालाग्नि सदृश क्रोध ऐसा ही है | वह सात्विक तेज है; तामस ताप नहीं | दण्ड कोप का ही एक विधान है | राजदण्ड राजकोप है और लोककोप धर्मकोप है | जहाँ राजकोप धर्मकोप से एकदम भिन्न दिखाई पड़े, वहाँ उसे राजकोप न समझकर कुछ विशेष मनुष्यों का कोप समझना चाहिए | ऐसा कोप राजकोप के महत्व और पवित्रता का अधिकारी नहीं हो सकता | उसको समान जनता अपने लिए आवश्यक नहीं समझ सकती |
'कोप' शब्द का विलोम शब्द है
'कोप' शब्द का विलोम शब्द 'कृपा' है। विलोम शब्द का अर्थ होता है किसी शब्द का विपरीत अर्थ वाला शब्द। 'कोप' का अर्थ होता है क्रोध या गुस्सा, जबकि 'कृपा' का अर्थ होता है दया या अनुकंपा। इसलिए, 'कोप' और 'कृपा' एक-दूसरे के विपरीत अर्थ वाले शब्द हैं, और इसीलिए 'कृपा' सही विलोम शब्द है। अब अन्य विकल्पों की चर्चा करते हैं: 1. रोष: यह शब्द भी क्रोध या गुस्से…Read More
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