अधोलिखितं गद्यांशमाधारीकृत्य निम्नलिखित: प्रश्ना: समाधेया: –
वैज्ञानिका: अन्तरिक्षे प्रयोगशाला: स्थापयित्वा मंगलादि ग्रहाणाम् यात्रार्थम् प्रयत्नशीला: सन्ति। यद्यपि विज्ञानेन मानवजाते: महान् उपकार: संजात: तथापि वैज्ञानिकै: विश्वकल्याणाय प्रयत्न: कर्त्तव्य:। अणुशास्त्रैः त्रिभुवनं रक्षितव्यम्। इदं स्मारणीयं यत् मानवसंहारात् भेतव्यम्। विश्वस्य देशैः विश्वशान्तेः पाठः पठितव्यः। सर्वदा सत्यं वच: वक्तव्यम् तथा सदाचरणं कर्त्तव्यम्।
“यद्यपि” इत्यत्र कः सन्धिः ?
सन्धि एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक प्रक्रिया है जिसमें दो शब्दों के मेल से एक नया शब्द बनता है। "यद्यपि" शब्द में सन्धि का प्रकार जानने के लिए हमें इसके मूल रूपों को देखना होगा। "यद्यपि" शब्द "यद्" + "अपि" से बना है। 1. यणसन्धिः: यणसन्धि तब होती है जब 'इ' या 'उ' स्वर के बाद 'अ' स्वर आता है और वे मिलकर 'य' या 'व' में परिवर्तित हो जाते हैं। यहाँ…Read More
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