Question
Easy

“बतरस लालच लाल की, मुरली धरी लुकाय। सौंह करै भौंहनि हसैं, दैन कहै नटि जाय।।” उपर्युक्त पद्यांश में अनुभाव का कौन-सा भेद प्रयुक्त हुआ है ?

1
कायिक अनुभाव
2
वाचिक अनुभाव
3
आहार्य अनुभाव
4
सात्त्विक अनुभाव
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: काव्यशास्त्र
Topic: रस
Correct Answer
Option B
Explanation

The correct option is 2: पद्यांश बतरस लालच लाल की में वाचिक अनुभाव की प्रधानता है। वाचिक अनुभाव का तात्पर्य उस स्थिति से है जहाँ नायक या नायिका अपने मन के भावों को वाणी या वचनों के माध्यम से प्रकट करते हैं। इस पद्यांश में गोपियाँ श्रीकृष्ण के साथ बातचीत करने के आनंद यानी बतरस के लोभ में उनकी मुरली छिपा देती हैं। यहाँ मुख्य उद्देश्य कृष्ण के साथ संवाद…Read More