Question
Easy

अध्यापनस्य एकः विधिः यस्मिन् एकः अध्यापकः चतुर्छात्रैः सह एकस्य संयुक्तशिक्षणवर्गस्य निर्माणं करोति। अस्मिन् वर्गे विविधाः भूमिकाः वर्तन्ते । पाठगद्यांशस्य प्रतिपाद्यविषये परिचर्चा भवति, येन सन्निहितविकासस्य क्षेत्रः उद्भवति यस्मिन् पठनावबोधः श्रेयस्तरः भवति। अयं विधिः मन्यते :

1
व्याकरणनुवादविधिः
2
अन्योन्याध्यापनम् (Reciprocal Teaching)
3
संरचनात्मकोपागमः (Structural Approach)
4
आदर्शपठनम् (Model Reading)
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: CTET
Level/Paper: Paper 2
Chapter: Pedagogy of Sanskrit
Topic: Approaches & Evaluation in Sanskrit Teaching
Correct Answer
Option B
Explanation

इस प्रश्न में पूछा गया है कि अध्यापन का वह कौन सा तरीका है जिसमें एक अध्यापक चार छात्रों के साथ मिलकर एक संयुक्त शिक्षण वर्ग का निर्माण करता है, जिसमें विभिन्न भूमिकाएं होती हैं और पाठ के विषय पर चर्चा होती है जिससे पठन और समझ का विकास होता है। सही उत्तर विकल्प 2, "अन्योन्याध्यापनम् (Reciprocal Teaching)" है। विकल्प 2: अन्योन्याध्यापनम् (Reciprocal Teaching) अन्योन्याध्यापन एक शिक्षण विधि है जिसमें…Read More

Similar Questions from CTET Exam - Paper 2 - Year 2024
Adhyapanasya ek vidhi yasmin ek adhyapak - CTET Paper 2 | Clear Cutoff