Question
Easy
"नहि पराग, नहि मधुर मधु, नहि विकास इहि काल, अलि कलि ही सौ बन्ध्यों, आगे कवन हवाल।" यह दोहा किस कवि द्वारा रचा गया था?
1
मतिराम
2
देव
3
बिहारी
4
भूषण
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HPTGT
Level/Paper: HPTGT LT
Chapter: हिन्दी कविता
Topic: बिहारी
Correct Answer
Option C
Explanation
The correct option is 3: "नहि पराग, नहि मधुर मधु, नहि विकास इहि काल, अलि कलि ही सौ बन्ध्यों, आगे कवन हवाल।" यह दोहा रीतिकाल के प्रसिद्ध कवि बिहारीलाल द्वारा रचा गया था। बिहारीलाल जयपुर-नरेश मिर्ज़ा राजा जयसिंह के दरबार में थे। राजा अपनी नई रानी के प्रेम में इतने लीन थे कि वे राज-काज पर ध्यान नहीं दे रहे थे। तब बिहारी ने यह दोहा राजा के पास पहुँचाया,…Read More
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