निर्देश : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : साहित्य सदैव समाज को निरंतरता प्रदान करता है। यह साहित्य और समाज का गहरा संबंध है कि साहित्य में समाज के विश्रृंखलित होते सिद्धांतों और टूटते-बिखरते मूल्यों की चिंता बराबर बनी रहती है। वही साहित्य कालों के बंधन को तोड़कर, उसकी सीमाओं से परे जाकर कालजयी बन पाता है, जिसमें मानवीय सत्य की व्याख्या हो और संवेदनाओं के सहारे आस्था जगाने का प्रयास हो। समय-समय पर साहित्यकारों ने समाज के बदतर होने की स्थिति को पहचाना है। कुछ रचनाकार हमारे साहित्य पटल पर ऐसी गहरी छाप छोड़ जाते हैं, जिनकी आवश्यकता हर युग में बनी रहती है, जिनके विचार सदैव तरोताज़ा ही रहते हैं और जिनकी रचनाएँ समाज को दीप्त करने का दायित्व निभाती चलती हैं। उनका साहित्यकार व्यक्तित्व केवल समस्याओं को ही नहीं परखता बल्कि मनुष्यता में विश्वास को बचाए रखने की कोशिश करता है। 'विश्रृंखलित' में प्रत्यय है :
विश्रृंखलित' शब्द में प्रत्यय की पहचान करने के लिए हमें यह समझना होगा कि प्रत्यय शब्द के अंत में जुड़ने वाला वह भाग होता है जो शब्द के अर्थ में परिवर्तन लाता है। 1. Option 3: इत - 'विश्रृंखलित' शब्द में 'इत' प्रत्यय है। 'विश्रृंखल' मूल शब्द है और 'इत' प्रत्यय जोड़ने से यह 'विश्रृंखलित' बनता है। 'इत' प्रत्यय का प्रयोग क्रिया विशेषण बनाने के लिए होता है, जो किसी…Read More
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