HTET परीक्षा Level 3 PGT
Clear Cutoff के साथ HTET परीक्षा Level 3 PGT की तैयारी
सत्यापित उत्तर और व्याख्याएँ
Clear Cutoff द्वारा
20 में से 20 प्रश्न दिखाए जा रहे हैं
प्रश्न 301
Choose the correct passive of the sentence :
You have insulted us today.
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उत्तर और व्याख्या
Option 1, "We have been insulted by you today," is the correct passive voice transformation of the active sentence "You have insulted us today" because it accurately reflects the tense and meaning of the original sentence. Here's why:
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Tense Consistency: The original sentence is in the present perfect tense ("have insulted"). The passive voice transformation in Option 1 also uses the present perfect tense ("have been insulted"). This maintains the temporal relationship between the action and the present.
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Subject-Object Reversal: In the active voice, "you" is the subject and "us" is the object. In the passive voice, the object of the active sentence ("us") becomes the subject ("we"). The original subject ("you") is now part of the prepositional phrase "by you."
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Correct Passive Voice Structure: The passive voice is formed using a form of the verb "to be" (in this case, "have been") followed by the past participle of the main verb ("insulted"). Option 1 correctly follows this structure.
Now, let's examine why the other options are incorrect:
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Option 2: We must been insulted by you. This option is grammatically incorrect. "Must" is a modal verb and requires the base form of the verb following it. Also, "been" is not used correctly after "must." It doesn't reflect the tense of the original sentence.
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Option 3: Today we got insulted by you. While this sentence conveys a similar meaning, it uses the verb "got" which is more informal and doesn't accurately reflect the present perfect tense of the original sentence. It also lacks the formal structure of a proper passive voice transformation.
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Option 4: Insulted by you we were today. This option is grammatically awkward and inverts the sentence structure in a way that doesn't create a standard passive voice construction. The word order is unnatural and doesn't maintain the meaning of the original sentence as effectively as Option 1. It also changes the tense.
Therefore, Option 1 is the only option that correctly transforms the active sentence into the passive voice while maintaining the original tense, meaning, and grammatical correctness.
प्रश्न 302
Fill in the blank with the correct phrasal verb :
There is a mystery about his death and the police are _____ it.
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उत्तर और व्याख्या
The correct phrasal verb to fill in the blank is "looking into" because it fits the context of a police investigation. Here's why:
- Looking into: This phrasal verb means to investigate or examine something. In the context of a mysterious death, the police "looking into" it means they are investigating the circumstances surrounding the death to try and uncover the truth. This aligns perfectly with the sentence's meaning.
Now, let's explain why the other options are incorrect:
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Look out: This means to be careful or vigilant. While caution might be involved in a police investigation, "look out" doesn't describe the action of investigating a mystery. It's more about warning someone of potential danger.
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Look ahead: This means to think about the future. It has no relevance to investigating a past event like a death.
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Look after: This means to take care of someone or something. This is completely unrelated to a police investigation into a death.
Therefore, "looking into" is the only phrasal verb that logically and grammatically fits the sentence, describing the police's action of investigating the mysterious death.
प्रश्न 303
The transitional stages of sequential changes from one vegetation community to other vegetation community are called :
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उत्तर और व्याख्या
The transitional stages of sequential changes from one vegetation community to another vegetation community are called Sere.
Here's why Option 1 (Sere) is the correct answer and why the other options are incorrect:
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Option 1: Sere (Correct) A sere is the entire sequence of ecological communities successively replacing each other in a given area, from the initial pioneer community to the climax community. It represents the series of successional stages. Each stage, or seral stage, is a distinct community with its own characteristic species composition and environmental conditions. Therefore, "sere" accurately describes the transitional stages of sequential changes in vegetation communities.
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Option 2: Climax vegetation (Incorrect) Climax vegetation represents the final, stable community in a successional sequence. It's the end point, not the transitional stages leading to it. While the climax community is a vegetation community, it doesn't represent the changes between communities, but rather the final, relatively stable state.
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Option 3: Synecology (Incorrect) Synecology is the study of groups of organisms that are associated together as a unit, such as a community or ecosystem. It focuses on the interactions between different species within a community and their environment. While synecology is related to the study of vegetation communities, it doesn't specifically refer to the transitional stages between them. It's a broader field of study.
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Option 4: Oikos (Incorrect) Oikos is a Greek word meaning "house" or "household." In ecology, it's related to the concept of an ecosystem, but it doesn't directly describe the sequential changes in vegetation communities. It's more about the place where organisms live and interact.
एक वनस्पति समुदाय से दूसरे वनस्पति समुदाय के क्रमिक परिवर्तन के बीच की संक्रमण अवस्था कहलाती है :
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उत्तर और व्याख्या
एक वनस्पति समुदाय से दूसरे वनस्पति समुदाय के क्रमिक परिवर्तन के बीच की संक्रमण अवस्था सेरे कहलाती है।
Option 1 (सेरे) सही क्यों है:
सेरे (Sere) शब्द का उपयोग पारिस्थितिक अनुक्रमण (ecological succession) के दौरान विभिन्न क्रमिक चरणों या समुदायों को दर्शाने के लिए किया जाता है। पारिस्थितिक अनुक्रमण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक क्षेत्र में वनस्पति और जीव समुदाय समय के साथ धीरे-धीरे बदलते हैं। प्रत्येक चरण, जिसे सेरल स्टेज (seral stage) भी कहा जाता है, एक विशिष्ट वनस्पति समुदाय द्वारा विशेषता होती है। इसलिए, एक वनस्पति समुदाय से दूसरे में परिवर्तन के बीच की संक्रमण अवस्था को सेरे कहना सटीक है क्योंकि यह अनुक्रमण की प्रक्रिया में एक विशिष्ट चरण का प्रतिनिधित्व करता है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
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Option 2 (चरम वनस्पति): चरम वनस्पति (Climax vegetation) पारिस्थितिक अनुक्रमण का अंतिम, स्थिर चरण है। यह वह समुदाय है जो लंबे समय तक अपेक्षाकृत स्थिर रहता है और जिसमें आगे महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होते हैं। यह संक्रमण अवस्था नहीं है, बल्कि अनुक्रमण की परिणति है।
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Option 3 (सिनिकोलॉजी): सिनिकोलॉजी (Synecology) पारिस्थितिकी विज्ञान की वह शाखा है जो समुदायों और पारिस्थितिक तंत्रों का अध्ययन करती है। यह संक्रमण अवस्था का नाम नहीं है, बल्कि समुदायों के अध्ययन का क्षेत्र है।
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Option 4 (ओइकोस): ओइकोस (Oikos) एक ग्रीक शब्द है जिसका अर्थ है "घर" या "निवास"। पारिस्थितिकी में, इसका उपयोग कभी-कभी पारिस्थितिक तंत्र को संदर्भित करने के लिए किया जाता है, लेकिन यह एक वनस्पति समुदाय से दूसरे में संक्रमण अवस्था का नाम नहीं है।
प्रश्न 304
किस वाक्य में विशेषण संबंधिनी अशुद्धि है ?
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उत्तर और व्याख्या
Option 4 सही है क्योंकि इसमें विशेषण संबंधी अशुद्धि है। वाक्य "यह चित्र सबसे सर्वोत्तम सुन्दर है" में "सबसे" और "सर्वोत्तम" दोनों का प्रयोग एक साथ किया गया है। "सर्वोत्तम" का अर्थ ही होता है "सबसे उत्तम" या "सबसे अच्छा"। इसलिए, "सबसे" का प्रयोग अनावश्यक है और वाक्य को व्याकरणिक रूप से गलत बनाता है। सही वाक्य होना चाहिए "यह चित्र सर्वोत्तम सुन्दर है" या "यह चित्र सबसे सुन्दर है"।
अब, अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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किसी दूसरे लड़के को बुलाओ: इस वाक्य में कोई विशेषण संबंधी अशुद्धि नहीं है। "दूसरे" शब्द का प्रयोग लड़के की विशेषता बताने के लिए सही ढंग से किया गया है।
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सब लोग अपना-अपना काम करो: इस वाक्य में भी कोई विशेषण संबंधी अशुद्धि नहीं है। "अपना-अपना" शब्द का प्रयोग प्रत्येक व्यक्ति के काम को दर्शाने के लिए सही है।
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अंगूर बहुत खट्टे हैं: इस वाक्य में भी कोई विशेषण संबंधी अशुद्धि नहीं है। "खट्टे" शब्द अंगूर की विशेषता बता रहा है और इसका प्रयोग सही है।
इसलिए, केवल Option 4 में विशेषण संबंधी अशुद्धि है, जो इसे सही उत्तर बनाता है।
प्रश्न 305
संधि की दृष्टि से असंगत युग्म पहचानिए :
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उत्तर और व्याख्या
असंगत युग्म अन्त्याक्षरी - यण् स्वर संधि है, क्योंकि यह दीर्घ स्वर संधि का उदाहरण है।
Option 3 सही क्यों है:
अन्त्याक्षरी शब्द का संधि विच्छेद 'अन्त्य + अक्षरी' होता है। यहाँ 'अ' + 'अ' मिलकर 'आ' बन रहा है, जो कि दीर्घ स्वर संधि का नियम है। यण् स्वर संधि में 'इ/ई', 'उ/ऊ', या 'ऋ' के बाद कोई भिन्न स्वर आने पर क्रमशः 'य', 'व', या 'र' में परिवर्तन होता है, जो कि अन्त्याक्षरी में नहीं हो रहा है। इसलिए, अन्त्याक्षरी यण् स्वर संधि का उदाहरण नहीं है, बल्कि दीर्घ स्वर संधि का उदाहरण है, और इसीलिए यह युग्म असंगत है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
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विधूदय – दीर्घ स्वर संधि: यह सही है क्योंकि 'विधु + उदय' मिलकर 'विधूदय' बनता है, जहाँ 'उ' + 'उ' मिलकर 'ऊ' हो रहा है, जो दीर्घ स्वर संधि का नियम है।
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नमस्ते - विसर्ग संधि: यह भी सही है क्योंकि 'नमः + ते' मिलकर 'नमस्ते' बनता है, जहाँ विसर्ग (:) का 'स्' में परिवर्तन हो रहा है, जो विसर्ग संधि का नियम है।
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प्रतिष्ठित - व्यंजन संधि: यह भी सही है क्योंकि 'प्रति + स्थित' मिलकर 'प्रतिष्ठित' बनता है, जहाँ व्यंजन का व्यंजन से मेल हो रहा है, जो व्यंजन संधि का नियम है।
प्रश्न 306
प्रत्यय की दृष्टि से कौन-सा विकल्प सुमेलित नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
प्रत्यय की दृष्टि से विकल्प 4, "दाँत + एल = दँतैल" सुमेलित नहीं है, क्योंकि 'दँतैल' शब्द में 'एल' प्रत्यय का प्रयोग सही नहीं है। सही शब्द 'दंत + ऐल = दंतैल' होता है, जहाँ 'ऐल' प्रत्यय का प्रयोग किया जाता है। 'ऐल' प्रत्यय का अर्थ 'से युक्त' या 'वाला' होता है, इसलिए 'दंतैल' का अर्थ 'दाँतों वाला' या 'बड़े दाँतों वाला' होता है।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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कुशा + ल = कुशल: यह विकल्प सही है क्योंकि 'कुशा' शब्द में 'ल' प्रत्यय लगने से 'कुशल' शब्द बनता है, जिसका अर्थ 'निपुण' या 'योग्य' होता है।
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पानी + ईला = पनीला: यह विकल्प भी सही है। 'पानी' शब्द में 'ईला' प्रत्यय लगने से 'पनीला' शब्द बनता है, जिसका अर्थ 'पानी से भरा हुआ' या 'पानी जैसा' होता है।
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नानी + आल = ननिहाल: यह विकल्प भी सही है। 'नानी' शब्द में 'आल' प्रत्यय लगने से 'ननिहाल' शब्द बनता है, जिसका अर्थ 'नानी का घर' होता है।
इसलिए, केवल विकल्प 4 ही गलत है क्योंकि इसमें प्रत्यय का प्रयोग सही नहीं है। 'दँतैल' शब्द में 'एल' नहीं, बल्कि 'ऐल' प्रत्यय का प्रयोग होता है।
प्रश्न 307
निम्न में से कौन-सा सामासिक-युग्म सुमेलित नहीं है ?
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उत्तर और व्याख्या
Option 2 सही है क्योंकि "सहस्राब्दी" शब्द का समास विग्रह "एक हजार वर्षों का समूह" होता है। यह एक संख्यावाची शब्द है और समूह का बोध कराता है, इसलिए यह द्विगु समास का उदाहरण है, न कि कर्मधारय समास का। कर्मधारय समास में विशेषण-विशेष्य या उपमेय-उपमान का संबंध होता है, जो कि "सहस्राब्दी" में नहीं है।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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हृषीकेश - बहुव्रीहि समास: "हृषीकेश" का अर्थ है "इंद्रियों के स्वामी" (विष्णु)। यह एक ऐसा शब्द है जो एक विशेष अर्थ रखता है और किसी तीसरे व्यक्ति (विष्णु) की ओर संकेत करता है। बहुव्रीहि समास में, समस्त पद अपने घटकों के अर्थ से भिन्न एक विशेष अर्थ देता है। इसलिए यह विकल्प सही है।
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भाषाधिकार - तत्पुरुष समास: "भाषाधिकार" का समास विग्रह "भाषा का अधिकार" होता है। इसमें 'का' संबंध कारक का लोप हुआ है, जो कि तत्पुरुष समास की विशेषता है। इसलिए यह विकल्प सही है।
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अनुगुण - अव्ययीभाव समास: "अनुगुण" का अर्थ है "गुणों के अनुसार"। इसमें 'अनु' उपसर्ग लगा है, जो कि अव्ययीभाव समास की पहचान है। अव्ययीभाव समास में पहला पद अव्यय होता है और समस्त पद भी अव्यय की तरह कार्य करता है। इसलिए यह विकल्प सही है।
इसलिए, केवल Option 2, "सहस्राब्दी - कर्मधारय समास" गलत है, क्योंकि "सहस्राब्दी" द्विगु समास का उदाहरण है।
प्रश्न 308
निम्न में से किस वाक्य में वचन संबंधिनी अशुद्धि है?
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उत्तर और व्याख्या
Option 2 सही है क्योंकि इसमें वचन संबंधी अशुद्धि है। वाक्य "रचनात्मक व्यक्ति को अनेको भाषाओं का ज्ञान होना चाहिए" में "अनेको" शब्द का प्रयोग गलत है। "अनेक" शब्द स्वयं ही बहुवचन है, इसलिए इसके साथ "ओ" प्रत्यय लगाकर इसे बहुवचन बनाने की आवश्यकता नहीं है। सही वाक्य होगा: "रचनात्मक व्यक्ति को अनेक भाषाओं का ज्ञान होना चाहिए।"
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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Option 1: इस महाविद्यालय में तीस हज़ार छात्र हैं। इस वाक्य में वचन संबंधी कोई अशुद्धि नहीं है। "तीस हज़ार" बहुवचन है और "छात्र" भी बहुवचन में प्रयुक्त हुआ है।
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Option 3: अपने संस्कार और मूल्यों को सहेजने का प्रयास करें। इस वाक्य में भी वचन संबंधी कोई अशुद्धि नहीं है। "संस्कार" और "मूल्य" दोनों बहुवचन में हैं और वाक्य व्याकरण की दृष्टि से सही है।
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Option 4: तुम सोमवार को घर चले जाना। इस वाक्य में भी वचन संबंधी कोई अशुद्धि नहीं है। "तुम" एकवचन सर्वनाम है और वाक्य सामान्य रूप से सही है।
इसलिए, केवल Option 2 में वचन संबंधी अशुद्धि है, जो इसे सही उत्तर बनाती है।
प्रश्न 309
ज, ढ, प' उक्त वर्णों का क्रमशः उच्चारण स्थल है :
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उत्तर और व्याख्या
तालु, मूर्धा, ओष्ठ
व्याख्या:
विकल्प 2 सही है क्योंकि:
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'ज': 'ज' वर्ण का उच्चारण स्थान तालु है। जिह्वा का अग्र भाग तालु को स्पर्श करता है। इसलिए, 'ज' तालव्य वर्ण है।
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'ढ': 'ढ' वर्ण का उच्चारण स्थान मूर्धा है। जिह्वा का उलटा भाग मूर्धा को स्पर्श करता है। इसलिए, 'ढ' मूर्धन्य वर्ण है।
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'प': 'प' वर्ण का उच्चारण स्थान ओष्ठ है। दोनों ओष्ठों के मिलने से 'प' का उच्चारण होता है। इसलिए, 'प' ओष्ठ्य वर्ण है।
अन्य विकल्पों की अस्वीकृति:
- विकल्प 1: दन्त, कण्ठ, ओष्ठ: 'ज' दन्त्य नहीं है, 'ढ' कण्ठ्य नहीं है।
- विकल्प 3: मूर्धा, दन्त, ओष्ठ: 'ज' मूर्धन्य नहीं है, 'ढ' दन्त्य नहीं है।
- विकल्प 4: ओष्ठ, मूर्धा, तालु: 'ज' ओष्ठ्य नहीं है, 'ढ' तालव्य नहीं है।
अतः, केवल विकल्प 2 ही तीनों वर्णों के सही उच्चारण स्थानों को दर्शाता है।
प्रश्न 310
मन चंगा तो कठौती में गंगा' उक्त लोकोक्ति का उचित भावार्थ चुनिए :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
'मन चंगा तो कठौती में गंगा' उक्त लोकोक्ति का उचित भावार्थ मन की शांति एवं पवित्रता ही सर्वानन्द है है, क्योंकि:
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Option 2 सही क्यों है: यह लोकोक्ति इस बात पर जोर देती है कि यदि आपका मन शुद्ध और पवित्र है, तो आपको तीर्थ यात्रा करने या गंगा नदी में स्नान करने की आवश्यकता नहीं है। आपकी आंतरिक शांति और पवित्रता ही सबसे महत्वपूर्ण है और वही आपको आनंद प्रदान करती है। 'कठौती' एक छोटा सा बर्तन होता है, और इस लोकोक्ति में इसका उपयोग यह दर्शाने के लिए किया गया है कि यदि आपका मन शुद्ध है, तो आपको गंगा जैसी पवित्र नदी का अनुभव एक छोटे से बर्तन में भी हो सकता है। यह बाहरी कर्मकांडों की तुलना में आंतरिक शुद्धता के महत्व को दर्शाता है।
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अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- Option 1 (सामर्थ्य से अधिक बात करना): यह लोकोक्ति किसी की क्षमता से बढ़कर बोलने के बारे में नहीं है। यह आंतरिक शुद्धता और शांति के महत्व पर केंद्रित है।
- Option 3 (मन निरन्तर अस्थिर रहना): यह लोकोक्ति मन की अस्थिरता के बारे में नहीं है, बल्कि मन की स्थिरता और पवित्रता के बारे में है।
- Option 4 (मजबूर होकर काम करना): यह लोकोक्ति किसी काम को मजबूरी में करने के बारे में नहीं है। यह आंतरिक शांति और पवित्रता के महत्व पर केंद्रित है।
इसलिए, 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' लोकोक्ति का सबसे उपयुक्त भावार्थ मन की शांति एवं पवित्रता ही सर्वानन्द है है।
प्रश्न 311
किस वाक्य में 'कर्मवाच्य' नहीं है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
'लड़के से रोया भी नहीं गया' वाक्य में 'कर्मवाच्य' नहीं है, क्योंकि यह 'भाववाच्य' का उदाहरण है।
Option 1 सही क्यों है:
- 'भाववाच्य' में क्रिया का भाव प्रधान होता है, न कि कर्म। इस वाक्य में 'रोया नहीं गया' क्रिया का भाव लड़के की असमर्थता को दर्शा रहा है। क्रिया का सीधा संबंध कर्म से नहीं है, बल्कि भाव से है। 'लड़के से' कर्ता के रूप में प्रतीत हो रहा है, लेकिन वास्तव में यह असमर्थता का अनुभव करने वाला है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- Option 2: बच्चों द्वारा पुस्तक पढ़ी जा रही है। इस वाक्य में 'पुस्तक' कर्म है और 'बच्चों द्वारा' कर्ता है। क्रिया 'पढ़ी जा रही है' कर्म के अनुसार बदल रही है, इसलिए यह 'कर्मवाच्य' है।
- Option 3: महिलाओं द्वारा गीत गाए जा रहे थे। इस वाक्य में 'गीत' कर्म है और 'महिलाओं द्वारा' कर्ता है। क्रिया 'गाए जा रहे थे' कर्म के अनुसार बदल रही है, इसलिए यह 'कर्मवाच्य' है।
- Option 4: आनंदा के द्वारा हॉकी खेला गया। इस वाक्य में 'हॉकी' कर्म है और 'आनंदा के द्वारा' कर्ता है। क्रिया 'खेला गया' कर्म के अनुसार बदल रही है, इसलिए यह 'कर्मवाच्य' है।
इसलिए, केवल Option 1 ही 'कर्मवाच्य' नहीं है, बल्कि 'भाववाच्य' है।
प्रश्न 312
किस विकल्प के शब्द परस्पर विपरीतार्थी नहीं हैं ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
Option 3 सही है क्योंकि 'अवसर' और 'सुअवसर' दोनों का अर्थ लगभग समान होता है। 'अवसर' का अर्थ है मौका, और 'सुअवसर' का अर्थ है अच्छा मौका। ये दोनों शब्द एक दूसरे के विपरीत नहीं हैं, बल्कि समानार्थी हैं।
अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि:
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गृहस्थी-संन्यासी: 'गृहस्थी' का अर्थ है पारिवारिक जीवन जीने वाला, जबकि 'संन्यासी' का अर्थ है सांसारिक जीवन त्यागने वाला। ये दोनों शब्द एक दूसरे के विपरीत हैं।
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कृश-स्थूल: 'कृश' का अर्थ है दुबला-पतला, जबकि 'स्थूल' का अर्थ है मोटा। ये दोनों शब्द एक दूसरे के विपरीत हैं।
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चिरन्तन-क्षणिक: 'चिरन्तन' का अर्थ है हमेशा रहने वाला, जबकि 'क्षणिक' का अर्थ है थोड़े समय के लिए रहने वाला। ये दोनों शब्द एक दूसरे के विपरीत हैं।
इसलिए, केवल विकल्प 3 में दिए गए शब्द एक दूसरे के विपरीत नहीं हैं।
प्रश्न 313
संधि की दृष्टि से असंगत विकल्प का चयन कीजिए :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
Option 3, वाणी + औचित्य = वाण्योचित्य, संधि की दृष्टि से असंगत है क्योंकि यहाँ पर 'इ' के बाद 'औ' आने पर 'यौ' होना चाहिए था, लेकिन 'वाण्योचित्य' में 'य' का प्रयोग हुआ है, 'यौ' का नहीं। सही संधि 'वाण्यौचित्य' होनी चाहिए थी। इसलिए यह विकल्प असंगत है।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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षट् + आत्मा = षडात्मा: यह व्यंजन संधि का उदाहरण है। 'ट्' के बाद स्वर 'आ' आने पर 'ट्' का 'ड्' हो जाता है। यह संधि सही है।
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उद् + श्वसन = उच्छ्वसन: यह भी व्यंजन संधि का उदाहरण है। 'द्' के बाद 'श' आने पर 'द्' का 'च्' और 'श' का 'छ' हो जाता है। यह संधि भी सही है।
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शीत + ऋतु = शीतर्तु: यह गुण संधि का उदाहरण है। 'अ' या 'आ' के बाद 'ऋ' आने पर 'अर्' हो जाता है। 'शीतर्तु' में यही नियम लागू होता है। यह संधि भी सही है।
अतः, केवल Option 3 ही संधि के नियमों का सही पालन नहीं करता है, इसलिए यह असंगत है।
प्रश्न 314
कौन-सा विकल्प कारक की दृष्टि से असंगत है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
Option 3 सही है क्योंकि "चार दिन की चाँदनी फिर अँधेरी रात।" में सम्प्रदान कारक नहीं है। सम्प्रदान कारक का अर्थ होता है 'के लिए' या 'को' देना। इस वाक्य में ऐसा कोई भाव नहीं है कि कुछ दिया जा रहा है या किसी के लिए कुछ किया जा रहा है। यह एक मुहावरा है जो क्षणिक सुख या खुशी को दर्शाता है।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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Option 1: मोहन कार से बाज़ार गया। – करण कारक: यह सही है क्योंकि 'से' का प्रयोग साधन के रूप में हुआ है। मोहन बाज़ार जाने के लिए कार का उपयोग कर रहा है, इसलिए यह करण कारक है।
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Option 2: बच्चा साइकिल से गिर गया। – अपादान कारक: यह भी सही है क्योंकि 'से' का प्रयोग अलग होने के अर्थ में हुआ है। बच्चा साइकिल से अलग हो रहा है (गिर रहा है), इसलिए यह अपादान कारक है।
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Option 4: लड़कियाँ कक्षा में बैठी हैं। – अधिकरण कारक: यह सही है क्योंकि 'में' का प्रयोग स्थान को दर्शाने के लिए हुआ है। लड़कियाँ कक्षा के अंदर बैठी हैं, इसलिए यह अधिकरण कारक है।
इसलिए, केवल Option 3 ही कारक की दृष्टि से असंगत है क्योंकि इसमें सम्प्रदान कारक का प्रयोग उचित नहीं है।
प्रश्न 315
निम्न में से कौन-सा शब्द 'ईय' प्रत्यय से निर्मित नहीं है ?
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
'शोचनीय' शब्द 'ईय' प्रत्यय से निर्मित नहीं है। इसका विश्लेषण इस प्रकार है:
- शोचनीय: इस शब्द में 'नीय' प्रत्यय लगा है, न कि 'ईय'। इसका मूल शब्द 'शोच' है, जिसमें 'नीय' प्रत्यय लगने से 'शोचनीय' बनता है, जिसका अर्थ है 'शोक करने योग्य'।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
- नारकीय: यह शब्द 'नरक' में 'ईय' प्रत्यय लगने से बना है। 'नरक' (मूल शब्द) + 'ईय' (प्रत्यय) = 'नारकीय' (नरक संबंधी)।
- पाणिनीय: यह शब्द 'पाणिनी' (एक व्यक्ति का नाम) में 'ईय' प्रत्यय लगने से बना है। 'पाणिनी' (मूल शब्द) + 'ईय' (प्रत्यय) = 'पाणिनीय' (पाणिनी से संबंधित)।
- जातीय: यह शब्द 'जाति' में 'ईय' प्रत्यय लगने से बना है। 'जाति' (मूल शब्द) + 'ईय' (प्रत्यय) = 'जातीय' (जाति संबंधी)।
इसलिए, केवल 'शोचनीय' शब्द में 'नीय' प्रत्यय है, जबकि अन्य सभी शब्दों में 'ईय' प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। अतः, विकल्प 2 सही है।
प्रश्न 316
विदेशी भाषा के उपसर्गों से निर्मित शब्द पहचानिए :
अपना परिणाम और व्याख्या देखने के लिए एक उत्तर चुनें।
उत्तर और व्याख्या
विदेशी भाषा के उपसर्गों से निर्मित शब्द 'बदबू, खुशबू' हैं, क्योंकि 'बद' और 'खुश' दोनों ही उर्दू/फारसी भाषा के उपसर्ग हैं। 'बद' का अर्थ होता है 'बुरा' और 'खुश' का अर्थ होता है 'अच्छा'। 'बदबू' का अर्थ है 'बुरी गंध' और 'खुशबू' का अर्थ है 'अच्छी गंध'।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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कापथ, अधजल: 'का' और 'अध' दोनों ही हिंदी भाषा के उपसर्ग हैं। 'का' का अर्थ है 'बुरा' या 'हीन' और 'अध' का अर्थ है 'आधा'। इसलिए यह विकल्प गलत है।
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औतार, दुबला: 'औ' और 'दु' दोनों ही हिंदी भाषा के उपसर्ग हैं। 'औ' का अर्थ है 'हीन' या 'कम' और 'दु' का अर्थ है 'बुरा' या 'कठिन'। इसलिए यह विकल्प भी गलत है।
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कुलक्षणी, चिरायु: 'कु' और 'चिर' दोनों ही संस्कृत भाषा के उपसर्ग हैं। 'कु' का अर्थ है 'बुरा' और 'चिर' का अर्थ है 'लम्बा'। इसलिए यह विकल्प भी गलत है।
अतः, 'बदबू, खुशबू' ही विदेशी भाषा के उपसर्गों से निर्मित शब्द हैं।
प्रश्न 317
किस विकल्प के सभी शब्द परस्पर पर्यायवाची नहीं हैं ?
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उत्तर और व्याख्या
Option 3 सही है क्योंकि "धनुष, कोदण्ड" तो पर्यायवाची हैं, जिनका अर्थ 'धनुष' होता है, लेकिन "उरग" का अर्थ 'सांप' होता है। इसलिए, इस विकल्प के सभी शब्द पर्यायवाची नहीं हैं।
अब अन्य विकल्पों की व्याख्या:
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Option 1: खग, विहग, नभचर: ये तीनों शब्द पक्षी के पर्यायवाची हैं। "खग" का अर्थ है आकाश में गमन करने वाला, "विहग" का अर्थ भी पक्षी है, और "नभचर" का अर्थ है आकाश में विचरण करने वाला। इसलिए यह विकल्प गलत है।
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Option 2: पर्वत, शैल, अद्रि: ये तीनों शब्द पहाड़ के पर्यायवाची हैं। "पर्वत" सामान्य रूप से पहाड़ को दर्शाता है, "शैल" का अर्थ भी पत्थर या पहाड़ होता है, और "अद्रि" का अर्थ भी पहाड़ होता है। इसलिए यह विकल्प गलत है।
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Option 4: पत्थर, पाषाण, अश्म: ये तीनों शब्द पत्थर के पर्यायवाची हैं। "पत्थर" सामान्य रूप से पत्थर को दर्शाता है, "पाषाण" का अर्थ भी पत्थर होता है, और "अश्म" का अर्थ भी पत्थर होता है। इसलिए यह विकल्प गलत है।
इसलिए, केवल Option 3 में दिए गए शब्द परस्पर पर्यायवाची नहीं हैं, क्योंकि "उरग" का अर्थ "सांप" होता है, जबकि "धनुष" और "कोदण्ड" का अर्थ "धनुष" होता है।
प्रश्न 318
किस विकल्प में ‘पुल्लिंग’ शब्द का प्रयोग हुआ है ?
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उत्तर और व्याख्या
'एकांकी' शब्द पुल्लिंग है, क्योंकि इसका प्रयोग सामान्यतः पुरुषवाची संज्ञा या विशेषण के साथ होता है। उदाहरण के लिए, "उसने एक एकांकी नाटक लिखा।" यहाँ 'एकांकी' शब्द 'नाटक' के लिए विशेषण के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जो कि पुल्लिंग है।
अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि:
- योगिनी: यह शब्द स्त्रीलिंग है, जो योग करने वाली महिला को दर्शाता है।
- दर्जिन: यह शब्द स्त्रीलिंग है, जो कपड़े सिलने वाली महिला को दर्शाता है। इसका पुल्लिंग 'दर्जी' होता है।
- भीलनी: यह शब्द स्त्रीलिंग है, जो भील जनजाति की महिला को दर्शाता है। इसका पुल्लिंग 'भील' होता है।
इसलिए, केवल 'एकांकी' ही पुल्लिंग शब्द है।
प्रश्न 319
काल के संदर्भ में कौन-सा वाक्य 'हेतुहेतुमद् भूतकाल' का उदाहरण है ?
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उत्तर और व्याख्या
'हेतुहेतुमद् भूतकाल' का उदाहरण वाक्य 3 है: "तुम आते तो मेरा काम बन जाता।"
व्याख्या:
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हेतुहेतुमद् भूतकाल का अर्थ: हेतुहेतुमद् भूतकाल क्रिया का वह रूप है जो भूतकाल में किसी क्रिया के होने पर किसी अन्य क्रिया के होने की संभावना को दर्शाता है, लेकिन वह क्रिया हुई नहीं। इसमें एक क्रिया दूसरी क्रिया पर आश्रित होती है।
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वाक्य 3 का विश्लेषण: "तुम आते तो मेरा काम बन जाता" वाक्य में, 'काम का बनना' क्रिया 'तुम्हारे आने' पर आश्रित है। यदि तुम आते, तो काम बन जाता, लेकिन तुम नहीं आए, इसलिए काम नहीं बना। यह स्पष्ट रूप से हेतुहेतुमद् भूतकाल की परिभाषा को पूरा करता है।
अन्य विकल्पों की अस्वीकृति:
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विकल्प 1: घोड़े के चार पैर और दो कान होते हैं। यह एक सामान्य सत्य (universal truth) है और वर्तमान काल में है। यह भूतकाल की किसी आश्रित क्रिया को नहीं दर्शाता।
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विकल्प 2: इस साल बारिश अच्छी होने की संभावना है। यह भविष्य काल में संभावना व्यक्त करता है। यह भूतकाल की किसी आश्रित क्रिया को नहीं दर्शाता।
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विकल्प 4: आज सभी लड़के थक गए थे। यह सामान्य भूतकाल (past tense) का वाक्य है। यह किसी क्रिया के होने पर किसी अन्य क्रिया के होने की संभावना को नहीं दर्शाता। यह सिर्फ एक भूतकाल की घटना का वर्णन करता है।
इसलिए, केवल विकल्प 3 ही 'हेतुहेतुमद् भूतकाल' का सही उदाहरण है क्योंकि यह भूतकाल में एक क्रिया के होने पर दूसरी क्रिया के होने की संभावना को दर्शाता है, जो कि हुई नहीं।
प्रश्न 320
आलसी होने के कारण उसने अवसर खो दिया।' उक्त सरल वाक्य को संयुक्त वाक्य में रूपान्तरित कीजिए :
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उत्तर और व्याख्या
Option 4, "वह आलसी था; इसलिए उसने अवसर खो दिया," is the correct conversion of the simple sentence "आलसी होने के कारण उसने अवसर खो दिया" into a compound sentence. Here's why:
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Why Option 4 is Correct (Compound Sentence): A compound sentence consists of two or more independent clauses joined by a coordinating conjunction (जैसे कि और, लेकिन, या, इसलिए, आदि). In Option 4, we have two independent clauses: "वह आलसी था" (He was lazy) and "उसने अवसर खो दिया" (He lost the opportunity). These clauses are joined by the coordinating conjunction "इसलिए" (therefore/so). This structure perfectly fits the definition of a compound sentence. The "इसलिए" clearly shows the cause-and-effect relationship implied in the original simple sentence.
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Why Option 1 is Incorrect (Simple Sentence): "आलसी बनकर अवसर खो दिया" (Having become lazy, he lost the opportunity) is a simple sentence. It contains only one independent clause and the phrase "आलसी बनकर" acts as an adverbial phrase modifying the verb "खो दिया". It doesn't have the two independent clauses connected by a coordinating conjunction that are required for a compound sentence.
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Why Option 2 is Incorrect (Simple Sentence): "आलसी बनने पर उसने अवसर खो दिया" (Upon becoming lazy, he lost the opportunity) is also a simple sentence. Similar to Option 1, it has only one independent clause and "आलसी बनने पर" functions as an adverbial phrase. It lacks the structure of a compound sentence.
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Why Option 3 is Incorrect (Complex Sentence): "जैसे ही वह आलसी हुआ, अवसर खो गए" (As soon as he became lazy, the opportunities were lost) is a complex sentence. It contains one independent clause ("अवसर खो गए") and one dependent clause ("जैसे ही वह आलसी हुआ") introduced by the subordinating conjunction "जैसे ही". This structure is characteristic of complex sentences, not compound sentences. The subject of the second clause also changes from "he" to "opportunities," which is a subtle but significant shift in meaning compared to the original sentence.