Question
Easy

कृष्णभक्तिकाव्यधारा के संदर्भ में संगत कथन चुनिए :

1
कुंभनदास अष्टछापी कवियों में अधिकारी के नाम से विख्यात थे।
2
रासपंचाध्यायी के रचयिता नंददास विठ्ठलनाथ के शिष्य थे तथा प्रारंभ में रामभक्ति की ओर उन्मुख थे।
3
सूरदास कृत सूरसागर की आधारभूमि 'श्रीमद्भगवद्गीता' है।
4
गद्दीसेवा' का संबंध हरिदासी संप्रदाय से है।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option B
Explanation

कृष्णभक्तिकाव्यधारा के संदर्भ में दिए गए विकल्पों में से विकल्प 2 सही है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं: 1. विकल्प 2: रासपंचाध्यायी के रचयिता नंददास विठ्ठलनाथ के शिष्य थे तथा प्रारंभ में रामभक्ति की ओर उन्मुख थे। - नंददास, जो रासपंचाध्यायी के रचयिता हैं, वास्तव में विठ्ठलनाथ के शिष्य थे। विठ्ठलनाथ वल्लभ संप्रदाय के प्रमुख आचार्य थे। नंददास का प्रारंभिक झुकाव रामभक्ति की ओर था, लेकिन बाद में वे…Read More

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