अधोलिखितं गद्यांशमाधारीकृत्य निम्नलिखित: प्रश्ना: समाधेया: –
वैज्ञानिका: अन्तरिक्षे प्रयोगशाला: स्थापयित्वा मंगलादि ग्रहाणाम् यात्रार्थम् प्रयत्नशीला: सन्ति। यद्यपि विज्ञानेन मानवजाते: महान् उपकार: संजात: तथापि वैज्ञानिकै: विश्वकल्याणाय प्रयत्न: कर्त्तव्य:। अणुशास्त्रैः त्रिभुवनं रक्षितव्यम्। इदं स्मारणीयं यत् मानवसंहारात् भेतव्यम्। विश्वस्य देशैः विश्वशान्तेः पाठः पठितव्यः। सर्वदा सत्यं वच: वक्तव्यम् तथा सदाचरणं कर्त्तव्यम्।
“सर्वदा सत्यं वचः वक्तव्यम्” इत्यस्मिन् वाक्ये विशेष्य पदं विद्यते
विशेष्य पद का अर्थ होता है वह शब्द जिसका विशेषण किया जाता है। वाक्य "सर्वदा सत्यं वचः वक्तव्यम्" में, "वचः" शब्द का विशेषण "सत्यं" है। इसका अर्थ है कि "वचः" (वचन) को सत्य होना चाहिए। इसलिए, "वचः" यहाँ विशेष्य पद है क्योंकि यह वह शब्द है जिसका विशेषण "सत्यं" द्वारा किया जा रहा है। अब अन्य विकल्पों पर विचार करते हैं: 1. वक्तव्यम्: यह शब्द क्रिया विशेषण है जो यह…Read More
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