Question
Easy
‘गुरुः शिष्यं पापाद् वारयति’ – वाक्यमेतत् अस्योदाहरणं वर्तते –
1
भीत्रार्थानां भयहेतुः
2
पञ्चमी विभक्तेः
3
आख्यातोपयोगे
4
वारणार्थनामीप्सितः
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter:
Topic:
Correct Answer
Option D
Explanation
प्रश्न का अर्थ: प्रश्न है: ‘गुरुः शिष्यं पापाद् वारयति’ – वाक्यमेतत् अस्योदाहरणं वर्तते – इसका अर्थ है: "गुरु शिष्य को पाप से रोकता है/बचाता है।" – यह वाक्य किसका उदाहरण है? यहाँ हमें यह बताना है कि इस वाक्य में प्रयुक्त व्याकरणिक नियम या कारक-संबंध क्या है, जिसके कारण 'पापाद्' पद में पञ्चमी विभक्ति का प्रयोग हुआ है। विकल्प 4: वारणार्थनामीप्सितः – यह सही उत्तर क्यों है? यह विकल्प पाणिनीय…Read More
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