Question
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क्षीण: क्षीणोऽपि शशी भूयो भूयोऽभिवर्धते सत्यम्। विरम प्रसीद सुन्दरि यौवनमनिवर्ति यातं तु।।" अत्र कोऽलङ्कारः ?
1
आक्षेप:
2
अपह्नुति:
3
व्यतिरेक:
4
विरोध:
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter:
Topic:
Correct Answer
Option C
Explanation
निश्चित रूप से, दिए गए संस्कृत श्लोक और उसके अलंकार से संबंधित प्रश्न का विस्तृत स्पष्टीकरण यहाँ हिंदी में प्रस्तुत है: प्रश्न का अर्थ: दिए गए श्लोक "क्षीण: क्षीणोऽपि शशी भूयो भूयोऽभिवर्धते सत्यम्। विरम प्रसीद सुन्दरि यौवनमनिवर्ति यातं तु।।" में कौन-सा अलंकार है? श्लोक का अर्थ: यह श्लोक एक प्रेमी द्वारा अपनी प्रेमिका को सांत्वना देने या उसे जीवन की वास्तविकता समझाने के संदर्भ में कहा गया प्रतीत होता है।…Read More
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