Question
Easy
अभिज्ञानशाकुन्तले केन कथितम् - "आश्रममृगोऽयं न हन्तव्यो न हन्तव्यः।"
1
नृपेण
2
तपस्विना
3
शकुन्तलया
4
सारथिना
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: महाकवयः
Topic: कालिदासः
Correct Answer
Option B
Explanation
यह रहा दिए गए संस्कृत बहुविकल्पीय प्रश्न का विस्तृत हिंदी स्पष्टीकरण: प्रश्न का अर्थ: दिए गए प्रश्न का अर्थ है: "अभिज्ञानशाकुन्तलम्" नामक नाटक में यह वाक्य – "यह आश्रम का मृग है, इसे नहीं मारना चाहिए, नहीं मारना चाहिए।" – किसने कहा था? सही विकल्प का स्पष्टीकरण (विकल्प 2: तपस्विना): विकल्प 2, 'तपस्विना' (अर्थात् तपस्वी द्वारा), बिल्कुल सही उत्तर है। कालिदास के विश्वप्रसिद्ध नाटक 'अभिज्ञानशाकुन्तलम्' के प्रथम अंक में यह…Read More
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