Question
Easy

भवन्ति भव्येषु हि पक्षपाता:' उक्तिरियं कस्य कवे: अस्ति ?

1
कालिदासस्य
2
माघस्य
3
भासस्य
4
भारवे:
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: महाकवयः
Topic: कालिदासः
Correct Answer
Option D
Explanation

निश्चित रूप से, दिए गए संस्कृत बहुविकल्पीय प्रश्न का विस्तृत और शुद्ध हिंदी में स्पष्टीकरण यहाँ प्रस्तुत है: प्रश्न का अर्थ: प्रश्न है: "भवन्ति भव्येषु हि पक्षपाता:' उक्तिरियं कस्य कवे: अस्ति ?" इसका अर्थ है: "भवन्ति भव्येषु हि पक्षपाता:" – यह प्रसिद्ध उक्ति (कथन) किस कवि की है? इस उक्ति का शाब्दिक अर्थ है: 'महान लोगों का महान लोगों के प्रति ही पक्षपात होता है' अथवा 'शुभ वस्तुओं के प्रति…Read More