Question
Easy
न कान्तमपि निर्भूषं विभाति वनिताननम्। उक्तिरिययमस्ति -
1
वामनस्य
2
जयदेवस्य
3
कुन्तकस्य
4
भामहस्य
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: काव्यशास्त्रकाराः
Topic: भामहः
Correct Answer
Option D
Explanation
निश्चित रूप से, यहाँ दिए गए संस्कृत बहुविकल्पीय प्रश्न का विस्तृत और शुद्ध हिंदी में स्पष्टीकरण प्रस्तुत है: प्रश्न का अर्थ: "न कान्तमपि निर्भूषं विभाति वनिताननम्।" इस पंक्ति का अर्थ है कि "सुंदर स्त्री का मुख भी बिना आभूषणों के शोभा नहीं पाता।" इसके बाद पूछा गया है कि "उक्तिरिययमस्ति -" अर्थात् "यह उक्ति किसकी है?" सही विकल्प का स्पष्टीकरण (विकल्प 4: भामहस्य): यह उक्ति आचार्य भामह की है, जो…Read More
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