Question
Easy

"सञ्चारिणी दीपशिखेव रात्रौ, यं यं व्यतीयाय पतिंवरा सा" युक्तरचना वर्तते -

1
रघुवंशम्
2
अभिज्ञानशाकुन्तलम्
3
कुमारसम्भवम्
4
मेघदूतम्
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: षड्वेदाङ्गानि
Topic: छन्दः
Correct Answer
Option A
Explanation

यह रहा दिए गए संस्कृत बहुविकल्पीय प्रश्न का विस्तृत हिंदी स्पष्टीकरण: प्रश्न का अर्थ: "सञ्चारिणी दीपशिखेव रात्रौ, यं यं व्यतीयाय पतिंवरा सा" युक्तरचना वर्तते - इस प्रश्न का अर्थ है कि "रात में चलती हुई दीपक की लौ के समान, वह स्वयंवर में जिस-जिस राजा के पास से गुजरी" - यह प्रसिद्ध उक्ति या रचना किस ग्रंथ से संबंधित है? यहाँ 'युक्तरचना' का तात्पर्य उस काव्य पंक्ति से है जो…Read More