Question
Easy

चित्तं व्याप्नोति यः क्षिप्रं शुष्केन्धनमिवानलः' कस्य काव्यगुणस्य लक्षणमेतत् -

1
प्रसादगुणस्य
2
माधुर्यगुणस्य
3
ओजगुणस्य
4
सरल तथा च मधुर काव्यस्य
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: षड्वेदाङ्गानि
Topic: छन्दः
Correct Answer
Option A
Explanation

निश्चित रूप से, यहाँ दिए गए संस्कृत MCQ का विस्तृत स्पष्टीकरण शुद्ध और प्रवाहमयी हिंदी में प्रस्तुत है: प्रश्न का अर्थ: प्रस्तुत संस्कृत श्लोकांश है - 'चित्तं व्याप्नोति यः क्षिप्रं शुष्केन्धनमिवानलः'। इसका अर्थ है: "जो (काव्य) चित्त को शीघ्र ही व्याप्त कर लेता है, जैसे सूखी लकड़ी को आग।" प्रश्न पूछता है कि यह किस काव्यगुण का लक्षण है। सही विकल्प का स्पष्टीकरण (विकल्प 1: प्रसादगुणस्य): विकल्प 1, 'प्रसादगुणस्य' (प्रसाद…Read More

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